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जनसंवाद में शिकायत करने के बावजूद लुप्त जनजातियों के गाँव में बिजली नहीं पहुंची 

जनसंवाद

मुख्यमंत्री जनसंवाद में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद लुप्त जनजातियों के घरों में नहीं पहुंची बिजली रघुबर सरकार के बिजली को लेकर किये गए वायदे और आदिवासियों के प्रति प्रेम की कलई लोहरदगा जिले में खुलती नजर आयी है।  इस जिले के लुप्त प्राय जनजाति परिवार बिजली के नाम पर …

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सम्मान राशि सामाजिक अगुवाओं के लिए सम्मान या अपमान!

सम्मान राशि

सम्मान राशि के नाम पर सामाजिक अगुवाओं का अपमान! शिबू सोरेन के नेतृत्व एवं लड़ाका झारखंडियों के संघर्ष और बलिदान के बदौलत वर्ष 2000 में झारखंड राज्य भारत के मानचित्र का एक अभिन्न अंग बना अलग झारखंड राज्य के आन्दोलन में आदिवासियों के बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की मुख्य वजह जल, जंगल …

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मानदेय के नाम पर आदिवासियों को आपस में लड़ाने की साजिश

मानदेय के नाम आदिवासियों को आपस में लड़ाने का प्रयास

मानदेय के नाम पर सरकार भ्रम फैलाने की स्थिति में  प्रागेतिहासिक काल में मनुष्य जब घूमते हुए थक गए होंगे तब उन्हें ख़याल आया होगा बसेरा बना कहीं एक ही जगह थम जाया जाए। उस स्थान पर घर बनाये होंगे, सुरक्षा एवं आपसी कलह के अनुभवों से नियम बनाये होंगे। …

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अलग झारखण्ड में वन अधिकार अधिनियम की ज़मीनी हकीकत

वन अधिनियम 2006

वन अधिकार अधिनियम की ज़मीनी हकीकत किसी कवि ने अपने शब्दों में कितना सुंदर झारखण्ड का चित्र उकेरा है। सम्पूर्ण छोटा नागपुर एक लम्बा लहरदार-घुमावदार पहाड़ की तरह है…, इसके केंद्र में पठार है…, यह पूरा इलाका कमोवेश घने जंगलों से पटा है…, जब निचले और लहरदार ढलान में असंख्य …

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विस्थापन झारखंडी आदिवासी-मूलवासी का पर्याय !

झारखंडी आदिवासी-मूलवासी का विस्थापन

दशक, 1990 के आरम्भ से झारखण्ड राज्य (2001 के पूर्व बिहार) के नीतिगत ढाँचे में आये नवउदारवादी बदलाव के बाद से राज्य में प्रायोजित हिंसा बढ़ने से देश की अधिकांश आदिवासी-मूलवासी आबादी भीषण ग़रीबी के प्रभाव में रसातलिय जीवन जीने को अभिशप्त हैं। आदिवासियों-मूलवासियों की जल, जंगल, जमीन, नदियों, चरागाह, …

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