शहीद

शहीद का सम्मान समाज का सम्मान करना है शायद

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

शहीद के अरमान स्वस्थ समाज की नीव

अमर शहीद को पढ़ना कहीं से भी शुरु कर सकते हैं लेकिन कभी ख़त्म नहीं  कर सकते। क्योंकि शहीद का आज सियासी मायने जो भी हो, लेकिन इसकी शुरुआत हमेशा परिवार व समाज से होती है। देश के पर्दे पर इनका हर चरित्र वह हिस्सा होता है जिसे उस दौर में समाज जीता है। लेकिन शहीद का मतलब तो अभिमान और चेतना भी है और जब कोई चेतना के अक्स तले इसे अभिमान के तौर पर लेता है, तो मानो समाज में शहीदों के रूह को जिंदा कर देता है। कुछ यूँ जैसे “तोड़ा कुछ इस अदा से ताल्लुक उस ने ग़ालिब, के सारी उम्र अपना क़सूर ढूँढ़ते रहे।” जो देशभक्ति के दिल को तंज संवाद से परे भेदती चली जाती है। जहाँ आँखों के सामने इतिहास के वह तमाम गौरवान्वित पल खूबसूरती से रेंगने लगती है।  

पिछले दिनों झारखंड में कुछ ऐसे ही रेखाएं खींची गयी, जहाँ नव निर्वाचित मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने आवास में झारखंड के पुलवामा आतंकी हमले के शहीद विजय सोरेंग की पत्नी श्रीमती कार्मेला सोरेंग से मुलाक़ात कर अपनी अपेक्षाओं से अवगत कराते हुए कहा, राज्य के शहीद हमारे अमूल्य धरोहर हैं, आपकी अपेक्षाओं के अनुरूप सुविधाएँ मुहैया होगी। यही नहीं इन्होंने झारखंड के शहीद व जीवित आंदोलनकारियों को आयोग द्वारा चिह्नितीकरण करवा, 74 आंदोलनकारियों को सम्मानित करने की सूची पर स्वीकृति प्रदान कर दी है। जिन्हें निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप सुविधाएँ प्राप्त होगी, जिसमे प्रतिमाह सम्मान पेंशन राशि शामिल है जिसे जिला के उपायुक्त प्रदान कर सकेंगे।

मसलन, नयी सत्ता द्वारा खींची गयी यह रेखा व्यवस्था में अमूल्य परिवर्तन करते हुए समाज के उस मौलिक अर्थ से जा जुड़ेगा, जहाँ व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति का शोषण असंभव हो जाएगा। और ऐसे समाज का निर्माण होगा, जहाँ सारे सम्बन्ध समानता पर वशीभूत हो हर व्यक्ति को देश व समाज के लिए लड़ते रहने को प्रेरित करेगा। जहाँ राजनीतिक इस्तेमाल से परे समानतावादी व्यवस्था अपना अस्तित्व खोता नजर आयेगा। क्योंकि यह प्रेरणा देश भक्तों को लड़ाई तब तक जारी रखने में मदद करेगा जब तक कि समाज व देश के अधिकार हर प्रकार सुरक्षित नहीं हो जाते।

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts