Breaking News
ज्योतिबसु

ज्योतिबसु के राजनीतिक जीवन से मेल खाती हेमंत का सफ़र 

Spread the love

ज्योतिबसु के राजनीतिक जीवन से मेल खाती हेमंत का सफ़र 

याद कीजिए जब 1977 में बंगाल की माली हालत वाकई खराब हो चली थी। वहां के 18 में से 14 जिले देश के सबसे गरीब जिलों में सुमार थे। तब 21 जून 1977 को बतौर सीएम ज्योतिबसु का राजनीतिक बंदियों की रिहायी का आदेश था। यह वही बंदी थे, जिन्हें नक्सलवादी करार दे जेलों में बंद किया गया था। तब जब तमाम प्रदेश माओवादियों से घबरायी हुई है, बसु कभी नहीं घबराये। साथ ही वे उस जनता के बीच पहुंचे जहाँ अंधेरा सबसे घना था। भूमि सुधार, पंचायती राज और ईमानदारी ने बसु का रास्ता खुद ब खुद साफ कर दिया। बुद्ध देव की तरह बसु को नक्सलियों के खिलाफ सरकारी बलों की जरुरत कभी नहीं पड़ी। 

जनता काडर बनी और काडर सुरक्षाकर्मी। राजनीतिक विश्लेषक व अंग्रेज़ी अख़बार ‘टेलीग्राफ़’ के संपादक आशीष चक्रवर्ती ने कहा था, ”बसु कम्युनिस्ट कम और व्यवहारिक अधिक दिखते थे, जो सामाजिक लोकतंत्र के भविष्य का संकते देती है। यह ठीक उसी भावना से मेल खाती है, जहाँ पिछले खाद्यापुर्ती मंत्री सरयू राय हेमंत सोरेन झारखंड का भविष्य करार देना। भूमि सुधार के अक्स तले बसु ने जो कार्य किये वह आज भी  दूसरे राज्यों के किसानों के लिए एक सपना है। उनकी सरकार ने कब्ज़े वाली व सरकारी ज़मीनों का मालिकाना हक़ 10 लाख भूमिहीन किसानों को दे दिया। ग्रामीण क्षेत्रों की ग़रीबी काफ़ी हद तक दूर हुई। 

आज ज्योतिबसु हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन झारखंड के कैनवास पर वही पूरी कहानी, मगर दूसरा राजनीतिक कलाकार हेमंत सोरेन जीवंत करते प्रतीत होते हैं। हेमंत सरकार ने भी झारखंड के चार लाख भूमिहीनों के बीच लगभग 2 लाख एकड़ ज़मीन बांटने जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों से संबंधित भूदान की बकाया जमीनों की सूची तैयार करने जैसे तमाम प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। ग्रामसभा के ज़रिये वितरण प्रक्रिया पूरी की जायेगी। मसलन, यदि ऐसा संभव होता है तो निस्संदेह लोकतंत्र की नयी परिभाषा का उदय यहीं इसी राज्य से होता देखा जा सकेगा।

Check Also

कोरोना

मोदी आहार जैसे प्रोपगेंडा राज्य में दे रही है काला बाजारी को बढ़ावा

Spread the love मोदी आहार जैसे चेहरा चमकाने वाली प्रोपगेंडा राज्य में काला बाजारी को …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.