Welcome to Jharkhand Khabar   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Khabar
  TRENDING
टीआरपी घोटाला : लोकतंत्र का चौथे खम्भे मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता खोयी
सर्वधर्म समभाव नीति पर चल राज्य के मुखिया पेश कर रहे सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल
खाद्य सुरक्षा: आरोप लगा रहे बीजेपी नेता भूल चुके हैं – जरूरतमंदों को 6 माह तक खाद्यान्न देने की सबसे पहली मांग हेमंत ने ही की थी
कोरोना काल में कोई परिवार सड़क पर न आए, इसलिए विभागों में कार्यरत संविदाकर्मियों को मुख्यमंत्री दे रहे हैं सेवा विस्तार
आपदा को अवसर में बदलने की हेमंत सोरेन की सोच ने झारखंड को संकट से बचाए रखा
राज्य के विकास में “खनन नहीं पर्यटन” को बढ़ावा देने की ओर बढ़े मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
भ्रष्टाचार के मामले में देश की गिरती स्थिति से साफ संकेत, “मोदी सरकार की साख अब वैसी नहीं रही”
लगातार दो तिमाही में निगेटिव ग्रोथ आना तकनीकी तौर पर आर्थिक मंदी के लक्षण तो नहीं !
देश में आतंक के राज बरकरार रखने के लिए बनने को तैयार है काला कानून
Next
Prev

झारखंड स्थापना दिवस की शुभकामनाएं

रोज़गार

रोज़गार के दिशा में झारखंड सरकार का बड़ा पहल

पिछली सरकार के नीतियों के अक्स तले झारखंड जैसे प्रदेश पर बेरोज़गारी का दबाव चरम तक बढ़ा। खानापूर्ति के तौर पर दी जाने वाली शिक्षा व्यवस्था को कटघरे में रख डिग्री को ही दोषी करार दे दिया गया। जिससे यहाँ के युवाओं को नौकरी न मिल पाने के स्थिति में बड़ा सवाल यही उभरा कि राज्य की व्यवस्था फेल थी। ऐसे में नए नज़रिये के साथ राज्य के नवनिर्वाचित सरकार ने नयी राजनीतिक इच्छा शक्ति के साथ रोज़गार की दिशा में नयी पहल की है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के सभी एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज को न केवल अपडेट बल्कि 16 से अधिक वर्षों से रोज़गार तलाश रहे युवाओं का पंजीकरण करने का भी निर्देश दिया है। जिससे जल्द ही बेरोज़गार युवाओं को सरकार प्रस्तावित प्रोत्साहन राशि व रोजगार के उपलब्ध अवसरों से उन्हें जोड़ने के लिए आवश्यक कार्यवाही कर सके। जिससे युवा झारखंडी सपनों को सरकार के चौखट पर दम तोडने से बचाया जा सके।  

मुख्यमंत्री द्वारा नियोजनालय भवन अच्छी स्थिति में ना होने पर उसे किसी अन्य भवन में शिफ्ट कर अच्छी व्यवस्था जैसे पेयजल, शौचालय व बैठने के उत्तम व्यवस्था से लैस करने का निर्देश, राज्य सरकार का बेरोजगारों के प्रति अपनी नियत साफ़ तौर पर प्रदर्शित करने का प्रयास किया है। मुख्य सचिव द्वारा प्रधान सचिव श्रम नियोजन व सभी डीसी को जिलों के नियोजनालय को राज्य का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाने के लिए निर्देशित भी कर दिया गया है।

इसमें दिलचस्प पहलू श्रम नियोजन से यह कहा जाना है कि सतत पर्यवेक्षण के आधार पर युवाओं के शिक्षा व कौशल सम्बन्धी जानकारी का वर्गीकरण करें, ताकि उनके लिए किस प्रकार के रोज़गार और कौशल विकास की जरूरत है, उस दिशा में सरकार कार्य कर सके।

मसलन, आने वाले वक़्त में राज्य के बेरोजगार युवाओं को यह स्पष्ट पता होगा कि उन्हें रोज़गार के लिए राज्य में सरकार के कहाँ और किस चौखट को खटखटाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts

Click to listen highlighted text!