सभी उद्योगों के लिए मील का पत्थर साबित होगी नई औद्योगिक नीति: मिथिलेश कुमार ठाकुर

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मिथिलेश कुमार ठाकुर

झारखण्ड राज्य दिवस पर प्रगति मैदान के एम्फी थियेटर में दिखी राज्य की परंपरा और संस्कृति की झलक. पेयजल मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा सभी उद्योगों के लिए मील का पत्थर साबित होगी नई औद्योगिक नीति…  

नई दिल्ली : झारखण्ड आदिवासी संस्कृति का पहचान लिए प्रकृति के गर्भ में बसा सुन्दर प्रदेश है. यहाँ का सामाजिक परिवेश, रहन-सहन, लोक संस्कृति अतुलनीय है. प्रगति मैदान में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के झारखण्ड पवेलियन में राज्य दिवस का आयोजन किया गया. जिसमे राज्य की लोक संस्कृति को प्रदर्शित किया गया. इस अवसर पर झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री, झारखण्ड सरकार के स्थानिक आयुक्त, उद्योग तथा खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव, आदि वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.  

मिथिलेश कुमार ठाकुर ने भगवान बिरसा मुंडा को दीप प्रज्वल्लित कर मंत्री श्रद्धा सुमन अर्पित किया

मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने झारखण्ड पवेलियन में भगवान बिरसा मुंडा को दीप प्रज्वल्लित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया. तदुपरांत  पवेलियन के सभी स्टॉलों का अवलोकन किया. उन्होंने पवेलियन में लगे स्टालों में हुनर एवं कार्य प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि ट्रेड फेयर राज्य की विकास गति को प्रदर्शित करने वाला मंच बताया. उन्होंने कहा कि झारखण्ड भगवान् बिरसा मुंडा, सिद्धो-कान्हू जैसे वीर सपूतों की भूमि है, जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अहम् भूमिका निभाई थी. झारखण्ड राज्य संस्कृति, पर्यटन, कला, खनिज सभी रूप से परिपूर्ण है. हमारे पास देश की कुल खनिज सम्पदा का 40% भाग है. जिसमे लोहा, सोना, अभ्रक, यूरेनियम आदि प्रचुरता हैं. 

हमारे पास तीर्थ स्थलों में बाबा वैद्यनाथ, रजरप्पा मंदिर, इटखोरी मंदिर, मलूटी के मंदिर जैसी सम्पदा है. पर्यटन के दृष्टिकोण से हमारे प्रदेश में असीम सम्भावनाएं है, बेतला नेशनल पार्क, नेतरहाट, हजारीबाग आदि पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहते है. प्रदेश में नई औद्योगिक नीति सूक्ष्म, लघु और भारी उद्योगों के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली है. झारखण्ड खेल के क्षेत्र में भी काफी प्रगति कर रहा है. महेंद्र सिंह धौनी, दीपिका कुमारी, निक्की प्रधान, सालिमा टेटे देश के सम्मान में अपना जौहर दिखाया है और आने वाली पीढ़ी के लिए उदाहरण है. मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने प्रगति मैदान में लगे मेले के अन्य पवेलियन का भी अवलोकन किया और खरीदारी भी की. 

पूजा सिंघल : उद्योग विभाग तथा खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव

उद्योग विभाग तथा खान एवं भूतत्व विभाग की सचिव पूजा सिंघल ने कहा की झारखण्ड प्रदेश धार्मिक, पर्यटन, खनिज, संस्कृति, और उद्योग का साक्ष्य है. प्रदेश के उद्योग विभाग ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई औद्योगिक निति को धरातल पर उतारा है, जिससे हर क्षेत्र के उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा. इस नीति में राज्य के मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के विकास के लिए खासतौर पर रूरल इंडस्ट्रियल पॉलिसी बनाई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रो में रहने वाले लोगो को उद्योग स्थापित करने में सुगमता हो.

झारखण्ड विविधताओं का प्रदेश है. यहाँ का प्राकृतिक सैंदर्य अनुपम है, जो प्रदेश को पर्यटन के दृष्टिकोण से सर्वश्रेष्ठ बनता है. पर्यटन विभाग उसको और सार्थक बनाने के लिए ईको टूरिज्म, रूरल टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म आदि चला रहा है. भारत सरकार द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में झारखण्ड फोकस स्टेट है. हमने यहाँ अपने प्रदेश की संस्कृति, लोककला और उत्पादों को प्रदर्शित किया है.

एम्फी थियेटर में दिखी झारखण्ड की परम्परा व सांस्कृतिक नृत्य प्रदर्शन  

झारखण्ड राज्य दिवस पर एम्फी थियेटर में झारखण्ड के प्रभात कुमार महतो द्वारा छऊ नृत्य, अशोक कच्छप द्वारा पाइका नृत्य, झिंगगा भगत मनोरंजन कला संगम द्वारा ओरॉन नृत्य, आर० आर० मेहता द्वारा मुंदरी नृत्य, झिंगगा भगत द्वारा नागपुरी नृत्य और बबीता मुर्मू द्वारा संथाली नृत्य प्रस्तुत किया गया. 

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