भाजपा जांच टीम कुछ और संकेत देती हुई

भाजपा जांच टीम

भाजपा जांच टीम के मायने गणतंत्र दिवस की पूर्व पर संध्या पर आज की राजनीति, जहाँ लोकतंत्र के पाठ तले धर्मनिरपेक्षता की बेदी पर संविधान की तिलांजलि देने की सनक साफ़ दिखती है। जो न्याय व अधिकार की नयी परिभाषा को धार्मिक लबादा ओढ़े लोकतांत्रिक मूल्यों को बलि दे, राष्ट्रवाद के बैसाखी के आसरे सत्ता … Read more

CAA और NRC समर्थन रैली घटना संदेहास्पद

CAA

हमारे देश की मिट्टी में ‘फूट डालो और राज करो’ का बीज अंग्रेज़ों द्वारा बोया गया था। उन्हें तब्लीगी जमात, हिन्दू महासभा, मुस्लिम लीग और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे सहायक भी मिल गये थे। इतिहास गवाह है यह फूटपरस्ती हमारे देश को ख़ूनी विभाजन तक लेकर पहुँची। लाखों लोगों ने अपनी जान गवाएं और करोड़ों … Read more

झारखंडी परंपरा व मान्यताओं को भाजपा ने तार-तार कर दिया है

परंपरा

ऐतिहासिक तौर पर झारखंड राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी संस्कृति को लेकर भिन्न-भिन्न मान्यताएं व परंपरा रही है। भाजपा की रघुवर सरकार ने झारखंड में खनिज सम्पदा की लूट की नयी पारम्परा गढ़ यहाँ के तमाम पुरानी परंपरा को सत्ता के ताकत के दम पर छिन-भिन्न कर कर दिया है, जो पुलिस-सरकार और ग्रामीणों … Read more

चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड किसी मुख्यमंत्री को मिलना जनता के लिए सुखद एहसास

चैंपियंस ऑफ चेंज

चैंपियंस ऑफ चेंज अवार्ड गाँधीवादी मूल्यों, सामुदायिक सेवा व सामाजिक विकास भारत में एस्पिरेशनल जिले में को बढ़ावा देने के लिए, केजी बालाकृष्णन पूर्व मुख्य न्यायाधीश और भारत के पूर्व अध्यक्ष एनएचआरसी की अध्यक्षता में संवैधानिक जूरी सदस्यों द्वारा चयनित कर दिए जाने वाला भारतीय पुरस्कार है। जो सरदार वल्लभभाई पटेल एक भारत, शेष भारत … Read more

जीएसटी की भरपाई केंद्र ने अक्तूबर माह से नहीं किया है

जीएसटी

जीएसटी की भरपाई केंद्र ने अक्तूबर माह से नहीं किया है  केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण फिर दुहराया है कि केंद्र सरकार जीएसटी से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई करेगी। ज्ञात हो कि केंद्र ने राज्यों से जीएसटी लागू करते वक्त राज्यों से वादा किया था। श्रीमती सीतारमण ने इसे केंद्र सरकार … Read more

आदिवासी दर्शन की जरुरत आज समाज को क्यों?

आदिवासी दर्शन

आदिवासी दर्शन की समाज में अहमियत कैसे बांची प्राण… है? यह सवाल आदिवासी समुदाय का देश से है,  विकास की जिस धारा को शहर से गांव पहुंचाने की बात सरकार से लेकर पंचायत तक के नेता करते रहे, उसके अक्स तले आदिवासी केवल अपनी झोपड़ी को बचाने में ही असली सुकून मानते हैं। मुश्किल तो … Read more