पद की लालसा में झारखंडी चेतना को धोखा 

भाजपा

पद की लालसा में झारखंडी जनता को धोखा  क्या वाकई बाबूलाल जी एक ऐसे मुहाने पर आ खड़े हुए हैं जहां झारखण्ड में संविधान एक बार फिर तार-तार होगा। क्योंकि इनकी कवायद संविधान में दर्ज जनता के मैनिफेस्टो को खारिज करते हुए सत्ता तक पहुंचने की जुगत से अधिक नहीं हैं। इनकी राह पद की … Read more

human rights-राइट टू सर्विस एक्ट को लेकर हेमंत सोरन सख़्त

human rights राइट टू सर्विस एक्ट

राइट टू सर्विस एक्ट अब बाध्य करेगा बाबुओं को (human rights) कहते हैं जहाँ चाह हो वहां राह खुद ब खुद निकल आती है, जरुरत केवल नियत व इच्छाशक्ति की होती है। भारत में लोक सेवा अधिकार कानून (राइट टू सर्विस एक्ट), वह कानून हैं जो नागरिकों को एक निर्धारित अवधि के अंदर लोक सेवाएँ … Read more

बाबूलाल को लेकर सत्ता के कटघरे में भाजपा खुद आ फंसी है

भाजपा

बाबूलाल को लेकर सत्ता के कटघरे में भाजपा खुद आ फंसी है झारखंड में विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो चुका है जो 28 मार्च तक चलेगा और इसी सत्र के दौरान वित्त मंत्री 3 मार्च को वर्ष 2020-21 का बजट पेश करेंगे। साथ ही 16 और 23 मार्च को मुख्यमंत्री प्रश्नकाल भी होगा, जिसमे … Read more

मन की बात कहना अलग और सुनना अलग बात है

मन की बात

एक तुर्की कहावत है ‘यदि कहना/बोलना चाँदी है, तो सुनना सोना है’। कई लोग कई संचार माध्यम का उपयोग कर अपनी मन की बात व्यक्त करते हैं। लेकिन मन की बात कहना व सुनना दोनों अलग आयाम हैं, यहाँ समानुभूति का अभाव होता है। समानुभूति यानी जब ‘मैं’ नदी, चिड़िया, बच्चा या वह हो जाऊँ!  … Read more

झारखण्ड को किसने सालों पीछे धकेल दिया

झारखण्ड को

झारखण्ड देश का ऐसा राज्य है, जहाँ सबसे ज्यादा ग़रीबी व कुपोषण है और ऐसा भी राज्य है जो देश का न केवल सबसे अधिक खनिज सम्पदा बल्कि नैसर्गिक सौंदर्यता का भी मालिक है। लेक़िन इस दौर में रोज़गार का सवाल भी यहाँ सबसे बड़ा हो चला है, क्योंकि न केवल बीते एक दशक के … Read more

दूसरे राज्य के आरक्षित-कोटे के जातियों को झारखण्ड में आरक्षण-लाभ नहीं

आरक्षण

दूसरे राज्य के आरक्षित-कोटे में आने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य जातियों को झारखण्ड में आरक्षण का लाभ अब नहीं मिलेगा   अगस्त 2009 में भारतीय उच्चतम न्यायालय के जस्टिस एसबी सिन्हा और सिरिएक जोज़ेफ़ की खंडपीठ के एक दूरगामी आदेश में कहा गया था कि  “अनुसूचित जाति, जनजाति, व् अन्य आरक्षित-कोटे में आने … Read more