साल के अंतिम दिन भी जनता के लिए काम करते रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

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शहरों

साल के अंतिम दिन भी काम करते रहे मुख्यमंत्री, ब्यूरोक्रेट्स को कड़े संदेश, “ भाषण तक ही नहीं रहेंगे सीएम सीमित”

राँची। सरकार के सफल एक वर्ष पूरा होने के उपलक्ष्य में, आयोजित भव्य समारोह में युवा मुख्यमंत्री ने ब्यूरोक्रेट्स अधिकारियों संबोधित करते हुए कहा, “यदि वह जिम्मेवारियों का निर्वहन करते हैं तो  5 साल बाद झारखंड को विश्व बैंक या केंद्र के समक्ष सहयोग के लिए हाथ फैलाने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि युवा नेता के इस भाषण का प्रभाव ब्यूरोक्रेट पर कितना पड़ा है, यह तो भविष्य में पता चलेगा। लेकिन, समारोह के बाद अपने परिवार के साथ अधिकांश ब्यूरोक्रेट्सों का छुट्टी मनाने चले जाने के इतर श्री सोरेन की दिनचर्या कुछ अलग संदेश देती है। 

साल के अंतिम दिन मुख्यमंत्री का काम करना उनके दूरदर्शी सोच को खुली तौर पर बयान करता है। साथ ही राज्य के ब्यूरोक्रेट्स के लिए साफ़ तौर पर कर्म को प्रधानता को लेकर संदेश भी देता है। शुक्रवार यानी 31 दिसम्बर को सचिवालय भवन पहुंचकर हेमंत सोरेन ने जिस तरह से जनता के प्रति समर्पण दिखाते हुए काम को तरजीह दी, साफ संकेत देते हैं कि वे मंच पर भाषण देने वाले मुख्यमंत्रियों से इतर कर्मप्रधान मुख्यमंत्री हैं। जो उन्हें अन्य मुख्यमंत्रियों के पंक्ति से अलग ला खड़ा करती है। और अधिकारियों में इच्छाशक्ति रोपन का कार्य करती है।

साल के अंतिम दिन हेमंत पहुंचे सचिवालय, किया औचक निरीक्षण

साल के अंतिम दिन हेमंत सोरेन सचिवालय स्थित एफएफपी बिल्डिंग के औचक निरीक्षण को पहुंचे। उन्होंने यहां ग्रामीण विकास विभाग, पर्यटन, कला संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग, परिवहन विभाग का निरीक्षण किया। फिर हेमंत एमडीआई बिल्डिंग में अवस्थित शिक्षा विभाग, इंजीनियरिंग बिल्डिंग स्थित झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड तथा झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड के कार्यालय का निरीक्षण किया। 

तीनो भवनों में चल रहे विभिन्न विभागों के कार्यालय कक्षों, कॉरिडोर,  वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम और मीटिंग रूम आदि हेमंत ने जायजा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी भवन परिसर को साफ- सुथरा रखने, कॉरिडोर में अनावश्यक रूप से रखे हुए सामानों को हटाने, फायर फाइटिंग सिस्टम को दुरुस्त और कॉरिडोर में बिजली वायरिंग एवं टेलीफोन-इंटरनेट सर्वर के तारों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। इस दौरान हेमंत के साथ मुख्य सचिव सुखदेव सिंह,  सीएम के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, नगर विकास एवं आवास विभाग सचिव विनय कुमार चौबे और भवन निर्माण विभाग के सचिव सुनील कुमार मौजूद थे।

सेल्फ क्वारंटाइन रहते हुए भी किये थे हर जरूरी काम

ऐसा नहीं हैं कि सीएम हेमंत सोरेन आज के दिन भी सचिवालय पहुंच अपनी मौजदूगी बताना चाहते है। दरअसल एक साल के कार्यकाल में उन्होंने शायद ही कभी अपने कामों से समझौता किया हो। 9 जुलाई को जब राज्य में कोरोना संक्रमण पूरी तरह पिक पर था और झारखंड में कई मंत्री और विधायक कोरोना प़ॉजिटिव हो रहे थे, तो स्वास्थ्य कारण से हेमंत ने खुद को सेल्फ क्वारंटाइन किया था।

उस दौरान हेमंत ने एक भावुक संदेश जारी कर राज्य की जनता को कहा था कि कुछ दिनों तक आप से मुलाकात नहीं कर सकूंगा। हालांकि, हर जरूरी कार्यों का निष्पादन होता रहेगा। सोशल मीडिया के माध्यम से भी आप मुझसे अपनी बातें रख सकते हैं। यह भावुक संदेश भी बताता है कि हेमंत ने कभी भी अपने कामों से समझौता नहीं किया हैं।

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