मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना न केवल ऋण सुविधा बल्कि अधिक अनुदान राशि के रूप में भी ऐतिहासिक पहल

स्वरोजगार की दिशा में हेमंत सरकार का मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना एक ऐतिहासिक पहल – लाभूकों को अब 25 प्रतिशत की जगह 40 प्रतिशत मिलेगी अनुदान राशि 

कई योजनाओं को धरातल पर उतारा जाना दर्शाता है कि मुख्यमंत्री वादों को पूरा करने की दिशा में हैं प्रयत्नशील 

रांची। 29 दिसम्बर 2020, हेमंत सरकार के एक साल पूरा होने के उपलक्ष्य में झारखंड में स्वयं मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की शुरुआत की। योजना का उद्देश्य राज्य के युवाओं को लॉकडाउन की त्रासदी में चरमराई आर्थिक हालात से उबारना है। हेमंत सरकार की इस योजना को लेकर मंशा है कि राज्य के बेरोजगारों को अनुदानित ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध हों। जिसमे एससी-एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यकों व दिव्यांगजन को विशेष प्राथमिकता के साथ लाभ मिलने के प्रावधान हैं। 

इस योजना के तहत लाभुकों को 50 हजार से लेकर 25 लाख तक का ऋण मिलेगा। लेकिन योजना में ऋण सह अनुदान राशि कम होने की स्थिति में, हेमंत सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार की ओर आकर्षित करने के लिए बड़ी फेरबदल करते हुए, अनुदान राशि में 25 प्रतिशत की जगह 40 प्रतिशत की ऐतिहासिक बढ़ौतरी की है। जिससे अब राज्य के गरीब वर्गों के लाभुकों को ऋण के 60 प्रतिशत ही चुकाना पड़ेगा और 40 प्रतिशत तक का भार हेमंत सरकार वहन करेगी।

तमाम पहलुओं परखने पर ज्ञात होता है कि राज्य सरकार केवल रोज़गार सृजन पर ही नहीं, बल्कि स्वरोजगार की दिशा में भी लाभुकों को अधिक अनुदानित ऋण दे कर उनकी आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान दे रही है। निश्चित रूप से सरकार का यह फैसला गरीबी रेखा के अंतिम पायदान पर कड़ी जनता के आर्थिक हालात को व्यवस्थित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।

स्वरोजगार के लिए ऋण देनी वाली संस्थाओं के नियमों को जन हित में हेमन्त बना रहे लचीला 

ज्ञात हो कि कोरोना त्रासदी में भरी मात्र में प्रवासी श्रमिकों की झारखंड में घरवापसी हुई। ऐसे में हेमंत सरकार शुरुआती दौर से ही इनके प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखायी है। और उनके जीवन-यापन के मद्देनज़र रोज़गार उपलब्ध कराने की परिस्थिति को गंभीरता के साथ चुनौती के रूप में लिया है। श्री सोरेन ने इस दिशा में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वरोजगार उद्यमिता विकास की ओर विशेष ध्यान दिया है। जिसके फलाफल में सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजनाओं की शुरूआत की गयी। 

इसी कड़ी में मुख्यमंत्री रोज़गार सृजन योजना प्रमुखता से अपनी छाप छोड़ता है। योजना अंतर्गत युवाओं को सुगम और सस्ते दर पर अनुदान के साथ ऋण उपलब्ध हो, इसके लिए ऋण देने वाली हर संस्था के नियमों को मुख्यमंत्री लचीला बना रहे हैं। इसमें झारखंड राज्य आदिवासी सहकारी निगम, झारखंड राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम, झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम और झारखंड राज्य अल्पसंख्यक वित्त व विकास निगम शामिल हैं।

6 thoughts on “मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना न केवल ऋण सुविधा बल्कि अधिक अनुदान राशि के रूप में भी ऐतिहासिक पहल”

    • सरकार के हक अधिकार दे रही है, कृपया नजरिया व चश्मे बदलें आपको भी मौसम बदला-बदला दिखेगा. ज्ञात हो General cast को 10 प्रतिशत का आरक्षण है और हेमंत सरकार की नीतियां संवैधानिक नियमों से इतर नहीं है. ऐसे ही सुझाव देते रहें इस सरकार में अभिव्यक्ति के आजादी पर रोक नहीं हैं. आप अपने सुझाव किसी भी मंच पर खुले तौर पर रख सकते है.

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