झारखण्ड : मुख्यमंत्री ने निक्की प्रधान व सलीमा टेटे को 50-50 लाख रुपए का चेक दे किया सम्मानित

Share on facebook
Share on telegram
Share on twitter
Share on whatsapp

स्कूटी, लैपटॉप व स्मार्ट फोन भी प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने कहा – दोनों खिलाड़ियों को उनकी इच्छानुसार शहर में मकान की सौगात देगी सरकार. मुख्यमंत्री ने हॉकी स्टिक पर दोनों खिलाड़ियों के लिए शुभकामना संदेश लिखा तो निक्की प्रधान व सलीमा टेटे ने दिए ऑटोग्राफ 

खेल प्रतियोगिताओं के दौरान चोटिल होने वाले खिलाड़ियों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी. खेल विभाग तैयार कर रहा है संकल्प, खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कई कदम 

टोक्यो ओलंपिक में सुश्री सलीमा टेटे और सुश्री निक्की प्रधान के शानदार प्रदर्शन पर राज्यवासियों को गर्व 

खिलाड़ियों को सरकार से जोड़ने की दिशा में ही खिलाड़ियों को सम्मानित  करने की पहल सरकार कर रही है 

खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता के साथ पेश आने की जरूरत 

हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड 
झारखण्ड के खिलाड़ियों को मिला सम्मान

जिस प्रदेश में हर दिन आजीविका को लेकर लोगों को चुनौतियों से जूझना पड़ता है. वहां प्रदेश की बेटे-बेटियां सीमित संसाधनों के बीच, खेल की दुनियां मे अपने शानदार प्रदर्शन से राज्य व देश का नाम रौशन कर रहे हैं. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करने वाली सुश्री सलीमा टेटे और सुश्री निक्की प्रधान के सम्मान में आयोजित स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए बातें कही. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की इन दो बेटियों ने टोक्यो ओलंपिक में शानदार प्रदर्शन किया. भारतीय महिला हॉकी टीम भले ही मेडल जीतने से चूक गई, लेकिन दुनिया के बेहतरीन हॉकी खेलने वाले देशों के खिलाफ इनका प्रदर्शन किसी मेडल से कम नहीं रहा है. झारखंड समेत पूरे देशवासियों को इनपर गर्व है. मुख्यमंत्री ने इन बेटियों को बेहतरीन खेल के लिए शुभकामनाएं देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की.

खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री द्वारा किया गया सम्मानित 

मुख्यमंत्री द्वारा निक्की प्रधान और सलीमा टेटे को 50-50 लाख रुपए का चेक, एक-एक स्कूटी, लैपटॉप व स्मार्ट फोन प्रदान कर सम्मानित किया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों को उनकी इच्छा मुताबिक शहर या गांव (जहां भी ये चाहे) में लगभग तीन हजार स्क्वायर फीट का मकान, सौगात के रुप में सरकार देगी. यह राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है. हमें इन बेटियों पर गर्व है. लेकिन, हम खेल और खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता के साथ पेश आएं, इसका पूरा ध्यान रखना होगा, ताकि ये भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें और प्रतिभावान खिलाड़यों को इनसे प्रेरणा मिल सके.

खेल और खिलाड़ियों के हित में उठाए जा रहे हैं कई कदम 

मुख्यमंत्री – राज्य अब खेल में भी अपनी अलग पहचान बनाने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है. खेल और खिलाड़ियों के हित में चरणबद्ध तरीके से सरकार कदम उठा रही है. अभी तो शुरुआत है, आने वाले दिनों में तेजी आएगी. राज्य गठन के बाद पहली बार राज्य में खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई है. राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़यों की सीधी नियुक्ति हो रही है. अबतक चालीस खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जा चुका है. 

खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढाने हेतु उन्हें पुरस्कृत व सम्मानित किया जा रहा है. हर पंचायत में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं. एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम बनाए जा रहे हैं. इसका मकसद यहीं है कि यहां के बेटे-बेटियों के हुनर को निखारने के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हों. उन्हें अपना हुनर दिखाने के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का प्रयास है, ताकि वे अपने शानदार प्रदर्शन से राज्य व देश का नाम रौशन कर सकें.

इन बेटियों की चमक के आगे चमचमाती गाड़ियों में घूमने वालों की चमक फीकी 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य के खिलाड़ी कठिन परिश्रम और लगन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं. मुझे लगता है कि ये दो बेटियां जिस तरह हॉकी में अपना परचम लहरा रही हैं, उसके सामने सड़कों पर चमचमाती गाड़ियों में घूमनेवालों की चमक फीकी है. खिलाड़ी राज्य और देश के सम्मान के लिए अपना सबकुछ झोंक देते हैं. ऐसे खिलाड़ियों पर हमें नाज है.

खिलाड़ियों को सरकार से जोड़ने की पहल 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां के खिलाड़ियों को व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश शुरू कर दी गई है. निक्की प्रधान और सलीमा टेटे समेत अन्य खिलाड़ियों को सम्मानित करने का मकसद इन्हें व्यवस्था से जोड़ने के लिए किया गया है. ये खिलाड़ी ना सिर्फ अपने प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाएं, बल्कि भविष्य में बेहतर कोच और प्रतिभावान खिलाड़ियों के मार्गदर्शक का रोल भी निभा सकें. 

इन बेटियों को मिलेगी कई और सुविधाएं 

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न खेलों के लिए रेसिडेंसियल सेंटर और डे-बोर्डिंग खोलने की कवायद चल रही है. डे-बोर्डिंग में प्रशिक्षण के लिए चयनित खिलाड़ियों को सरकार की ओर से प्रति दिन पांच सौ रुपए दिए जाएंगे. दोनों ही तरह के सेंटरों में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए उत्कृष्ट कोच रहेंगे. श्री सोरेन ने यह भी कहा कि प्रतियोगिताओं के दौरान किन्हीं वजहों से चोटिल होने पर, खिलाड़ियों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी. खेल विभाग प्रावधान बना रही है.

समारोह में खेल मंत्री श्री हफीजुल हसन अंसारी, मंत्री श्रीमती जोबा मांझी, विधायक श्री भूषण बाड़ा, मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, खेल सचिव श्री अमिताभ कौशल , खेल निदेशक श्री जीशान कमर और सुश्री निक्की प्रधान तथा सुश्री सलीमा टेटे के परिजन उपस्थित थे.

Leave a Replay

DON’T MISS OUT ON NEW POSTS

Don’t worry, we don’t spam. Click button for subscribe.