ओलंपिक में महिला हॉकी टीम का प्रतिनिधित्व करनेवाली झारखण्ड के खिलाड़ियों को मिला झारखण्ड सरकार से सम्मान

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झारखण्ड के खिलाड़ियों को मिला सम्मान

स्वागत समारोह में मुख्यमन्त्री ने अपने उद्गगार में कहा – झारखण्ड के खिलाड़ियों के प्रदर्शन से चौड़ा हुआ सीना. भविष्य में ये खिलाड़ी कोच की भूमिका में भी दिखें. सलीमा टेटे और निक्की प्रधान को मिला झारखण्ड सरकार से सम्मान.

रांची : टोक्यो ओलंपिक में देश की महिला हॉकी टीम का अबतक तक का ओवऱऑल प्रदर्शन बेस्ट रहा है. 11 अगस्त को महिला हॉकी टीम की दो झारखण्ड के खिलाड़ियों, सलीमा टेटे और निक्की प्रधान को मुख्यमन्त्री हेमन्त सोरेन द्वारा सम्मानित किया गया. खेल मन्त्री हफीजुल हसन, मन्त्री जोबा मांझी, सरकार के आधिकारी व खिलाड़ियों के परिजनों की उपस्थिति में, मुख्यमन्त्री द्वारा दोनों महिला हॉकी खिलाड़ियों को 50-50 लाख रूपये के चेक, स्कूटी की चाबी, लैपटॉप व स्मार्टफोन सम्मान स्वरूप प्रदान किया गया. ज्ञात हो,  मुख्यमन्त्री ने दोनों खिलाड़ियों के लिए 3000 स्कायरफीट का पक्का मकान भी देने की घोषणा की है. 

झारखंड के खिलाड़ियों के प्रदर्शन से चौड़ा हुआ सीना

मुख्यमन्त्री हेमन्त सोरेन ने कहा – झारखण्ड के खिलाड़ियों के प्रदर्शन से सीना चौड़ा हुआ है. हॉकी, में ही नहीं तीरंदाजी में भी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है. उन्होंने सलीमा टेटे, निक्की प्रधान और महिला तीरंदाज दीपिका कुमारी को भी शुभकामनाएं दी. मुख्यमन्त्री ने कहा कि आप खिलाड़ियों को भविष्य में हम कोच के रूप में देखना चाहेंगे. ताकि नये खिलाड़ियों को मार्गदर्शक मिल सकें. उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए भावनात्मक क्षण है. इन खिलाड़ियों ने सीमित संसाधन, संकीर्ण जगह जहां बिजली, सड़क और सुविधाएं के आभाव में भी अपने प्रदर्शन से देश को गौरवान्वित किया है. और साधन संपन्न विदेशी खिलाड़ियों के बीच अप्रतीम प्रतिभा दिखाई है. 

खेल प्रतिभा को लेकर गंभीर है सरकार

मुख्यमन्त्री ने कहा – खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए उनकी सरकार गंभीर है. इसी मंशा के तहत खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति के साथ-साथ खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है. राज्य में पहली बार खेल नीति तैयार की गई है. राज्य सरकार बेहतर प्रदर्शन करनेवाले खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार देने के साथ-साथ उनके लिए रेशिडेंशियल स्पोटर्स सेंटर की स्थापना कर रही है. तीरंदाजी, हॉकी, वॉलीबॉल, आदि के सेंटर की तैयारी हो चुकी है. इनमें खिलाड़ियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जायेगा. बच्चों को स्टाईपेंड भी मिलेगा. खेल के दौरान आकस्मिक घटनाओं में चोटिल खिलाड़ियों का इलाज का खर्च भी सरकार उठायेगी. 

गौरतलब है कि मुख्यमन्त्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पहली बार खेलों के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाई है. खेल नीति के तहत पूरे राज्य में खेलों के प्रति एक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है. खेल के लिए आधारभूत संरचनाओं का विकास, खिलाड़ियों व कोच को प्रोत्साहित करने की पहल, निश्चित रूप से खेल के प्रति सरकार की गंभीरता दर्शाती है. यही गति रही आने वाले वर्षों में झारखंड राष्ट्रीय और अंतरराष्टीय स्तर पर अपनी खेल प्रतिभा की बदौलत ताकत के रूप में उभरेगा.

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