पुलिसकर्मियों की नियुक्ति

क्या दीपक प्रकाश भूल गए, बीजेपी सरकार ने ही रोकी थी पुलिसकर्मियों की नियुक्ति,

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

क्या दीपक प्रकाश भूल गए, बीजेपी सरकार ने ही रोकी थी आंदोलनरत पुलिसकर्मियों की नियुक्ति, गलती स्वीकार करने के बजाय आज किस मुंह से कह रहे है, “लड़ाई में वे साथ है”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही कह चुके है कि अगले सालों से सभी विभागों में लंबित व रिक्त पदों पर शुरू होगी बहाली

रांची। पूर्व की बीजेपी सरकार में किस तरह से राज्य के युवाओं को छला गया है, यह किसी से छिपी नहीं है। पिछले 5 सालों (2014-2019) के दौरान झारखंड के युवाओं को नौकरी के बड़े-बड़े सपने दिखाये गये थे, लेकिन सच यह है कि रोजगार के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ। जो थोड़ी बहुत सरकारी विभागों में बहाली हुई भी, वह आधी-अधूरी थी। इस दर्द को राज्य के युवा आज तक झेल रहे है। 

पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के दौरान झारखंड पुलिस में निकाले गये नियुक्ति संबंधी विज्ञापन और इस पर हुई अधूरी पुलिसकर्मियों की नियुक्तियों के कारण आज भी युवा परेशान हैं। यह ताजा मामला, ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में झारखंड पुलिस में नौकरी की आस में आंदोलन युवाओं का है। जहाँ बीजेपी के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश आंदोलनरत इन युवाओं के पास जाकर कहने से नहीं चूके कि वे उनके लड़ाई में साथ हैं। लेकिन न उनके द्वारा और न ही बीजेपी ने स्वीकार किया कि उनके पार्टी नेताओं की गलत नीतियों के कारण यह झारखंडी युवा धरने पर बैठने को मजबूर है। 

रघुवर सरकार ने दूसरी सूची नहीं की जारी, लटकी रही बहाली प्रक्रिया

बता दें कि पूर्व की रघुवर सरकार ने 2015 में झारखंड पुलिस में कुल 7272 पदों पर आरक्षी बहाली का विज्ञापन निकाला था। प्रक्रिया को पूरा कर 2017 में 4792 पदों पर बहाली की गयी। शेष 2480 पदों पर नियुक्ति रोक दी गयी। उस दौरान कहा गया था कि रिक्त पदों पर विज्ञापन के अनुसार एक समेकित मेघा सूची जारी करनी थी। जबकि सभी अभ्यर्थी जेएसएससी के द्वारा ली गयी परीक्षा में सफल भी हुए थे। 

लेकिन, रघुवर सरकार ने अपने बचे तीन साल के कार्यकाल में दूसरी सूची को कभी जारी नहीं की। इससे नाराज़ प्रभावित छात्रों ने लगातार तत्कालीन सरकार का दरवाज़ा खटखटाया, लेकिन उनकी बात उस तानाशाह सरकार द्वारा कभी नहीं सूनी गयी थी। 2019 के अंत में हुए विधानसभा चुनाव में जनता ने हेमंत सरकार को सत्ता सौंपी। लेकिन उसके पहले ही वैश्विक महामारी कोरोना ने पूरे देश-दुनिया को अपने चपेट में ले लिया। 

युवाओं के पास गये दीपक प्रकाश ने आखिर क्यों अपनी गलती नहीं स्वीकारी

बीते दिनों बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने अपने सोशल मीडिया में एक फोटो शेयर किया, जिसमें वे आंदोलनरत युवा छात्रों से मिलते दिखे। इस दौरान उन्होंने कहा कि,“कड़ाके की ठंड में अपने हक के लिए अनशन कर रहे झारखंड पुलिस के अभ्यर्थियों से मोरहाबादी मैदान पहुँचकर मिला, उनका हालचाल जाना, युवाओं ने अपनी समस्याओं से मुझे अवगत कराया। मैंने इन्हें आश्वस्त किया कि हम इनकी लड़ाई में इनके साथ खड़े है और अन्याय पर न्याय की जीत अवश्य होगी”।

लेकिन, सवाल है कि वोट बैंक कि राजनीति करने का कोई मौका नहीं चूकने वाले भाजपा नेता दीपक प्रकाश ने आखिर इन युवाओं के समक्ष यह क्यों नहीं अपनी पार्टी द्वारा पुलिसकर्मियों की नियुक्तियों में की गलती स्वीकार करने की नैतिक साहस दिखाई। आखिर क्यों नहीं उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की गलती के कारण हजारों युवा आज आंदोलनरत है। आखिर उन्हें इन युवाओं के पास जाने में थोड़ी सी भी शर्म महसूस नहीं हुई। 

बेरोजगारों को सीएम पहले ही कह चुके है अगले साल से शुरू होगी लंबित बहाली की प्रक्रिया

दूसरी तरफ कोरोना की मार झेल रहे झारखंड की जीवन शैली बीते कुछ दिनों पहले ही पटरी पर लौट रही है। मुख्यमंत्री लगातार समीक्षा बैठक कर सभी विभागों की जानकारी ले रहे है। ताकि राज्य के परेशान युवा, जो उनसे उम्मीद लगाये हुए है, उन्हें उनका हक दे सके। हेमंत सोरेन पहले ही कह चुके है कि अगले साल 2021 से सभी विभागों में लंबित व रिक्त पदों पर राज्य सरकार बहाली प्रक्रिया शुरू करेगी। बाक़ायदा इसके लिए उन्हें सभी विभागों के आला अधिकारियों को इस बाबत निर्देश भी दे दिया है और हर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट भी मांगी है।

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

This Post Has One Comment

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts