पारा शिक्षक और मॉडल स्कूल : शिक्षक और शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने के वादों को पूरा कर रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

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सरकार का फैसला, बिहार के तर्ज पर स्थाई होंगे पारा शिक्षक तो मॉडल स्कूल के बनने से सरकारी बच्चों को मिलेगा आधुनिक शिक्षा का लाभ

रांची : राज्य की शिक्षकों की आर्थिक दशा को बेहतर व अच्छा बनाने और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने की दिशा में हेमंत सोरेन सरकार लगातार काम कर रही है। झारखंड की जनता को किये  चुनावी वादों को पूरा करने की दिशा में यह काम हो रहा है। इसी कड़ी में बीते दिनों सरकार ने दो अहम फैसला लिया है। पहला, राज्य के 65,000 पारा शिक्षकों की कई वर्षों से लम्बित मांगो को माना गया है। इससे इन शिक्षकों  आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो जाएगी। दूसरा शिक्षण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महत्वकांक्षी मॉडल स्कूलों में PGT शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति का काम शुरू हो गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने करीब 250 PGT शिक्षकों की नियुक्ति पहले चरण में बनने वाले 80 मॉडल स्कूलों के लिए कर दी है। हालांकि सुधार करने को लेकर प्रतिनियुक्ति में कुछ बदलाव किया गया है।

तीन चरणों में बनने वाले मॉडल स्कूलों से प्रत्येक में 1000 से 1200 बच्चों को मिलेगा लाभ

बता दें कि राज्य में शिक्षा के स्तर में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री ने मॉडल स्कूल बनाने का निर्देश दिया था। तीन चरणों में बनने वाले मॉडल स्कूलों में से पहले चरण में 80 स्कूलों को मॉडल बनाया जाएगा। दूसरे चरण में 500 स्कूल आएंगे और तीसरे चरण में पंचायतों में मॉडल स्कूल बनाने की योजना है। इन मॉडल स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षकों को भी ट्रेनिंग दी जाएगी। IIM, XLRI, NCERT, NEIP जैसी संस्थाओ से प्रशिक्षण देने से शिक्षक स्कूल का संचालन बेहतर तरीके से कर सकेंगे। मॉडल स्कूल में शामिल सभी स्कूलों को CBSC से संबद्धता प्रदान की जाएगी। इन स्कूलों में प्राथमिक कक्षा से लेकर 12 वीं तक की पढ़ाई से 1000-1200 बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। इसके लिए बच्चों का चयन मेरिट के आधार पर होग, जिसके लिए इन बच्चों का टेस्ट लिया जाएगा।

PGT शिक्षकों के प्रतिनियुक्ति अधिसूचना में मिली कुछ तकनीकी गड़बड़ियां, जल्द होगी नई सूची जारी

बता दें कि पहले चरण में चुने गए 80 स्कूलों में पढ़ाई शुरू कर दिया गया हैं। पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके, इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा 13 अगस्त को चयनित 80 स्कूलों में 245 PGT शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गयी। इस बाबत निदेशालय द्वारा एक आदेश जारी किया गया। हालांकि कुछ तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अधिसूचना वापस ली गई है, लेकिन शिक्षा निदेशालय से मिली जानकारी के मुताबिक अगले कुछ दिनों में शिक्षकों की नई प्रतिनियुक्ति की सूची जारी कर दी जाएगी। इससे ऐसे स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने का काम शुरू हो जाएगा। मुख्यमंत्री के विजन के अनुसार लगभग 5000 सरकारी स्कूलों को क्रमवार आधुनिक शिक्षा सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसका प्रारंभिक उद्देश्य 2022-23 शैक्षणिक सत्र की शुरुआत तक 80 जिला स्तर के उत्कृष्ट स्कूलों के लगभग दो लाख छात्रों को लाभ पहुंचाना है।

65,000 पारा शिक्षकों के स्थायीकरण तथा वेतनमान पर बड़ा फैसला

इसी तरह राज्य में समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत 65,000 पारा शिक्षकों के स्थायीकरण तथा वेतनमान पर बड़ा फैसला लिया गया। शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने विभागीय कमेटी के साथ बैठक कर पारा शिक्षकों को बिहार की तर्ज पर नियोजित करने पर चर्चा की। बताया जाता है कि पदाधिकारियों ने इस पर सहमति जताई है। इसके लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। विधि, कार्मिक, वित्त तथा कैबिनेट की स्वीकृति ली जाएगी। नीतिगत निर्णय के तहत बिहार की तर्ज पर आकलन परीक्षा लेकर पारा शिक्षकों को नियोजित करने पर सहमति बनी। शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण पारा शिक्षकों को यह परीक्षा नहीं देनी होगी तथा वे सीधे नियोजित किए जा सकेंगे। बैठक में निर्णय हुआ कि पारा शिक्षकों की सेवा को नियमित करने पर एक हफ्ते के अंदर नियमावली तैयार की जाएगी। पारा शिक्षकों के संघ को भी नियमावली का प्रारूप दिया जाएगा। यदि उसके किसी बिंदु पर असहमति हुई, तो सरकार इसमें सुधार करेगी।

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