हेमंत सरकार की उपलब्धि : 2014 से लंबित था 882 PGT शिक्षकों की सेवा कंफर्म का मामला, 2 माह में हुआ पूरा

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राज्य स्थापना समिति की गुरूवार को हुई बैठक में 253 शिक्षकों की सेवा हुई कंफर्म, सबसे अधिक रांची जिला से

सेवा कंफर्म होने के बाद नियमानुसार लागू वेतन वृद्धि या वेतन निर्धारण के लिए योग्य हो जाएंगे PGT शिक्षक

रांची। झारखंड की सत्ता में दिसम्बर 2019 के आने के बाद से ही हेमंत सरकार को कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ी है। खाली मिले खजाने को देखते हुए राज्य का विकास करना एक प्रमुख चुनौती तो था ही, झारखंड के साथ केंद्र सरकार का भेदभाव रवैया भी कुछ कम परेशानी नहीं दे रहा था। ऊपर से कोरोना महामारी की दंश ने तो झारखंड को काफी आर्थिक नुकसान पहुंचाया ही। इन संकटों में भी जब हेमंत सरकार झारखंड की सवा तीन करोड़ से अधिक जनता की बेहतरी के लिए कार्य कर रही, तो कुछ राजनीतिक दलों (विशेषकर भाजपा) द्वारा राज्य सरकार पर झारखंडियों को छलने का आरोप लगाया जाता रहा। विशेषतौर पर सरकार पर बेरोजगारों को छलने का आरोप लगा। हालांकि यह भी सत्य है कि आरोप लगाने वालों को हर बार मुख्यमंत्री की कार्यशैली के कारण बैकफुट में जाना पड़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि मुख्यमंत्री अपने कार्यशैली से हर वर्ग को संतुष्ट करने का काम कर रहे हैं। ठीक ऐसा ही एक काम पोस्ट ग्रेजुएशन शिक्षकों (PGT) शिक्षकों के संदर्भ में किया गया हैं। दरअसल पिछले 6 वर्षों (2014 से, भाजपा की रघुवर सरकार के समय से) राज्य में कुल 882 PGT शिक्षकों के सेवा कंफर्म होने का मामला लंबित था। लेकिन हेमंत सरकार ने अब वैसे सभी लंबित मामलों का निपटारा कर सभी शिक्षकों की सेवा कंफर्म करा दी है। 

6 वर्षों से लंबित मामलों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर केवल 2 माह में निपटा गया

मुख्यमंत्री के निदेश के बाद पिछले 2 माह में ही लंबित 882 PGT शिक्षकों के सेवा कंफर्म मामले का निपटारा किया गया है। सेवा कंफर्म हुए शिक्षक राज्य के कमोवेश सभी जिलों से आते हैं। इसमें गुरूवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक हर्ष मंगला की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में कुल 252 PGT शिक्षकों की सेवा कंफर्म भी शामिल हैं। सबसे अधिक रांची जिला में कार्यरत PGT शिक्षकों की सेवा कंफर्म की गयी है। निदेशक ने मीडिया को बताया है कि जिन 882 PGT शिक्षकों की सेवा कंफर्म की गयी है, उन्हें अब नियमानुसार वेतन वृद्धि और निर्धारण के लिए योग्य हो जायेंगे। उन्होंने यहां तक कहा है कि माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा शिक्षकों के स्थापना से जुड़े सभी लंबित मुद्दों को निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है।

जानें, किन जिलों में कितने PGT शिक्षकों की सेवा की गयी कंफर्म

रांची 149, गोड्डा 45, लातेहार 32, पलामू 61, बोकारो 25,  पूर्वी सिंहभूम 55, पश्चिमी सिंहभूम 1, सरायकेला खरसावां 45, चतरा 41, धनबाद 40, हजारीबाग 89, कोडरमा 0, रामगढ़ 32, गिरिडीह 15, , खूंटी 39, गुमला 14, सिमडेगा 17, लोहरदगा 21, गढ़वा 52, जामताड़ा 12, देवघर 22, दुमका 64, पाकुड़ 0, साहिबगंज 11.

भाजपा सरकार में शिक्षण कार्य से जुड़े हर तबके को झेलनी पड़ी थी परेशानी

आज शिक्षण कार्य से जुड़े हर तबके को मुख्यमंत्री राहत पहुंचाने का काम कर रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह भी है कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में ऐसे शिक्षकों को हर मुद्दे पर परेशानी झेलनी पड़ी थी। यहीं कारण है कि पिछले छह वर्षों से इन सेवा को कंफर्म नहीं किया गया। सर्वविदित है कि पूर्ववर्ती रघुवर सरकार की गलत नीतियों के कारण राज्य के 24 जिलों को अनुसूचित और गैर अनुसूचित जिलों में बांटकर शिक्षकों को रोजगार देने का काम हुआ था। वह मामला आज हाईकोर्ट में लंबित है। इसके कारण कई बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।

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