एक तरफ भाजपा का कार्यालय उदघाटन तो दूसरी तरफ प्लाज्मा थेरेपी सेंटर उदघाटन

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वायरोलॉजी एवं कोविड-19 प्रयोगशाला

संकट के दौर में भाजपा कार्यालय उदघाटन किया तो दूसरी तरफ सरकार का प्लाज्मा थेरेपी सेंटर व वायरोलॉजी एवं कोविड-19 प्रयोगशाला का उदघाटन किया   

झारखंड के हालात साफ लकीर खिंचते है कि भाजपा को कोरोना महामारी से कोई लेना देना नहीं है। यानी राज्य जिस संकट के दौर से गुजर रहा उससे भाजपा को कोई लेना देना नहीं है। उनहोंने लोकतंत्र के अर्थ को राजनीतिक सत्ता की दौड में सिमट दिया है।

भाजपा सरकार द्वारा मास्क पहने की सख्ती के खिलाफ राज्यपाल मोहदय को चिट्ठी सौप जनता के हमदर्द होने का दिखावा साफ़ जाहिर होता है। जहाँ झारखंड में मरीज़ों के लिए अस्पताल व्याप्त नहीं है, वहां जब वह 8 नवनिर्मित भाजपा जिला कार्यालयों का वर्चुअल उदघाटन कर जनता को चिढाती है। जिसकी भव्यता फाइव स्टार के समकक्ष आंकी जा रही है।    

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा इस अवसर पर स्लोगन देते हैं कि भगवान बिरसा की धरती पर भाजपा कार्यालय का निर्माण होना गौरव की बात है। और गर्व से पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। तो क्ऐया यह समझा जाए कि उसी भगवान बिरसा के धरती पर अस्पताल की आवशयकता नहीं है! महत्वपूर्ण प्रश्न हो सकता है।

झारखंड में  हेमंत सोरेन ने किया प्लाज्मा थेरेपी सेंटर का उदघाटन 

वहीं दूसरी ओर कैसा संयोग है, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची में प्लाज्मा थेरेपी सेंटर और झारखंड मंत्रालय से पलामू मेडिकल कॉलेज में नवनिर्मित वायरोलॉजी एवं कोविड-19 प्रयोगशाला का उद्घाटन कर झारखंड के लोगों को खुशख़बरी देते हैं। 

इसी के साथ रिम्स अस्पताल में अब कोरोना वायरस से संक्रमित गंभीर मरीज़ों का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से संभव हो सकेगा, कहते हैं। जो कि एक झारखण्ड वासियों के बीच राहत देने वाली खबर हो सकती है। वहीं पलामू में नवनिर्मित वायरोलॉजी एवं कोविड-19 प्रयोगशाला से संक्रमितों की टेस्टिंग की रफ़्तार में तेजी आयेगी। और सरकार ज्यादातर संक्रमितों तक अपनी पहुँच बना पायेगी।

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने यह कहना कि रिम्स से आज झारखंड में प्लाज्मा थेरेपी शुरुआत का पहला कदम है। राज्य के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी इसकी शुरुआत जल्द की जायेगी, राज्य को हिम्मत देती है। उनहोंने दुःख जताया कि कोरोना को मात दे चुके पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर प्लाज्मा डोनेट नहीं कर पाएंगे।

उन्होंने यह भी घोषणा किया कि आइसीएमआर की गाइड लाइन के मापदंड के अनुसार प्लाज्मा डोनेट करने वालों को एक हजार रुपये दिये जायेंगे। बता दें कि प्लाज्मा थेरेपी वैसे मरीज़ों के लिए कारगर साबित होगी, जिनकी इम्यूनिटी काफी कमजोर है और शरीर एंटी बॉडीज नहीं बना पा रहा है।

मसलन, एक बार फिर यह साबित हुआ है कि कोई सच्चा झारखंडी बेटा ही अपने राज्य के दुःख दर्द को समझ सकता है। और अपने भाई-बहन के सुख दुःख में शामिल हो सकता है।  

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