आयुष चिकित्सा का हाल झारखंड में बेहाल फिर भी प्रधानमंत्री के योग का दिखावा

आयुष चिकित्सा

आयुर्वेद या आयुष चिकित्सा को लेकर मोदी सरकार का केवल दिखावा आयुर्वेद भारत की प्राचीन लगभग 5000 साल पहले उत्पन्न हुई चिकित्सा प्रणाली मानी जाती है। आयुर्वेद दो संस्कृत शब्दों ‘आयुष’ अर्थ -जीवन तथा ‘वेद’ अर्थ -‘विज्ञान’ से मिलकर बना है। इसलिए  इसका शाब्दिक अर्थ ‘जीवन का विज्ञान’ है। अन्य औषधीय प्रणालियों से परे, आयुर्वेद … Read more

चमकी बुख़ार की वजह लीची नहीं बल्कि कुपोषण है- झारखंड एक कुपोषित राज्य  

चमकी बुखार

पिछले दिनों पूरे देश में यह चर्चा आम थी कि चमकी बुख़ार ने मुज़फ़्फ़रपुर के 124 और वैशाली के 17 बच्चों को अपनी चपेट में ले लिया और सिलसिला जारी भी है, लेकिन सरकार क्रिकेट मैच के स्कोर जानने में व्यस्त है। चमकी बुखार यानी एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (ए.ई.एस.), अबतक इस संक्रमण में लीची को … Read more

पूर्व डीजीपी की पत्नी पूनम पांडेय के ज़मीन खरीद मामले में कई पेंच !

पूर्व डीजीपी

पूर्व डीजीपी की पत्नी पूनम पांडेय व सम्बंधित मामले में शामिल अन्य लोगों के नाम से कांके अंचल की हस्तांतरित जमीन की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर झारखंड हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर है। यह जमीन 20 जून 2018 को ट्रांसफर हुई थी। प्रार्थी द्वारा इस मामले में मुख्य सचिव, सीबीआइ, डीजीपी, उपायुक्त, कांके … Read more

बैलेट की तरफ झारखंड को भी अन्य विकसित देशों की भांति मुड़ना चाहिए

बैलेट

झारखंड को भी अन्य विकसित देशों की भांति बैलेट की तरफ मुड़ना चाहिए झारखंड भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने प्रेस कांफ्रेंस कर, ईवीएम के बजाय बैलेट से चुनाव कराने के हेमंत सोरेन के बयान पर सफाई देते हुए कहा कि वे जनादेश का अपमान कर रहे हैं। लेकिन उन्होंने यह नहीं कहा कि … Read more

बेरोज़गारी के आलम में भाई अपनी बहन का रक्षा तक न कर पाया!

बेरोजगारी के आलम में बहन के साथ हुआ दुष्कर्म

बेरोज़गारी के आलम के एक भाई अपनी बहन के लाज व जान न बचा सका  झारखंड में बेटियों के साथ हो रहे दुर्दशा के मामले में रघुबर सरकार के शासन-प्रशासन के पाप का घड़ा पूरी तरह भर चुका है। शायद ही झारखंड में कोई दिन ऐसा गुजरता हो जिस दिन यहाँ के बेटियों की अस्मिता … Read more

महिला पुलिस कर्मी भी अब सुरक्षित नहीं झारखंड में!

महिला पुलिस कर्मी

अब तक समाज में स्त्रियों पर जो अत्याचार हो रहे थे उससे ही उबर पाने में हम असमर्थ थे। बलात्कार, क़त्ल, छेड़छाड़, मारपीट, तेज़ाब फेंकने, अगवा, आदि के कारण पहले ही ख़ौफ़नाक हालात पैदा हो चुके हैं। स्त्री विरोधी वहशी मर्द मानसिकता हर क़दम स्त्रियों को शिकार बना रही थी। एक आस थी कि देर … Read more