Welcome to Jharkhand Khabar   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Khabar
  TRENDING
मुफ्त कोरोना वैक्सीन देने का वादा करने वाली भाजपा अपने नेता को ही नहीं बचा सकी
जेलों में बंद कैदियों को सम्मान देने के साथ उनके कुशलता का उपयोग भी करना चाहते हैं मुख्यमंत्री
कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड -किसानों के राहत के नाम पर आवंटन 1 लाख करोड़ से होगा कॉपोरेट घरानों को फायदा !
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में क्या हुआ, 15 दिन में रिपोर्ट दें
पत्थलगढ़ी के दर्ज मामलों को वापस लेकर मुख्यमंत्री ने राज्य को बिखरने से बचाया
दबे-कुचले, वंचितों के आवाज बनते हेमंत के प्रस्ताव को यदि केंद्र ने माना तो नौकरियों में मिलेगा आरक्षण का लाभ
टीआरपी घोटाला : लोकतंत्र का चौथे खम्भे मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता खोयी
सर्वधर्म समभाव नीति पर चल राज्य के मुखिया पेश कर रहे सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल
खाद्य सुरक्षा: आरोप लगा रहे बीजेपी नेता भूल चुके हैं – जरूरतमंदों को 6 माह तक खाद्यान्न देने की सबसे पहली मांग हेमंत ने ही की थी
Next
Prev

झारखंड स्थापना दिवस की शुभकामनाएं

एआईएमआईएम

एआईएमआईएम के खिलाफ विवादास्पद बयान दे भाजपा दिखावा करती है 

अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले केन्द्रीय मंत्री गिररिाज सिंह ने शुक्रवार को बिहार के लोगों को सचेत करते हुए ट्वीट किया, “बिहार के उपचुनाव में सबसे खतरनाक परिणाम किशनगंज से उभर कर आया है। ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम जिन्ना की सोच वाली है, ये वंदे मातरम से नफरत करते हैं। इनसे बिहार की सामाजिक समरसता को खतरा है।” आगे लिखा, “बिहार वासियों को अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए।”

पहली बात तो यह है भाजपा को देश के किसी चुने हुए नेता के बारे में ऐसा बयान नहीं देना चाहिए, यह असंवैधानिक है। दूसरी तरफ ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने एलान कर दिया है कि झारखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में वह 50 विधानसभा सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेगी। पार्टी ने महाराष्ट्र विधानसभा में चार सीटों के अलावा बिहार के किशनगंज लोकसभा सीट को भी अपनी झोली में डाला है। 

भाजपा  इस प्रकार के बयान, मजलिस को मुसलमानों का पार्टी बताकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश करती रहती है। लेकिन, देखा जाए तो यह शीशे की तरह साफ़ है कि ऐसे बयान देकर भाजपा चुनाव में एआईएमआईएम को वोटों के धुर्विकरण के लिए एक हथियार के तरह प्रयोग करती है। क्योंकि एआईएमआईएम का वोट क्षेत्र ऐसी जमात होती है जो कभी भी भाजपा के परम्परागत वोट बैंक नहीं माने जाते। यानी कि मजलिस अपने वोट के लिए सीधा सेंधमारी विपक्ष के वोट बैंक पर करती है, जिसका लाभ खुले तौर पर भाजपा को ही होता दीखता है।  

ऐसे में यदि झारखंड में एआईएमआईएम विधानसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारती है तो यह भाजपा के लिए ओक्सिजन का काम करेगी। तत्कालिक परिस्थितियों  में इस दल का प्रत्याशी मजबूत दिख रही झामुमो को सीधा क्षति पहुँचाते हुए भाजपा को कई सीटों में जीत दिलवाने का काम करेगी। जिससे भाजपा आसानी से फिर एक बार राज्य में सरकार बना सकती है। झारखंडी आवाम को सावधान रहने की जरूरत है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts

Click to listen highlighted text!