गुरुजी गरीबों के पहरुआ हैं, आपकी तरह पंडिताई नहीं करते
गुरुजी जैसा गरीबों का पहरुआ होना अलग बात है, पंडिताई करना और बात हमारे देश में लोकतंत्र और ब्राह्मणवाद का तंत्र साथ-साथ कतई नहीं चल सकता। लोकतंत्र मनुष्यता की राह पकड़ता है तो मनुवाद मनुष्यता में विच्छेदन की। एक, समाज जोड़ता है तो दूसरा तोड़ता है। आपस में दोनों एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं। इसका जीवंत … Read more