रघुवर सरकार स्कूल बंद कर क्यों खोल रही है शराब की दूकान ?

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झारखण्ड राज्य की रघुवर सरकार गुमला जिले में लगभग 250 की बड़ी संख्या के करीब स्कूलों को बंद कर रही है तो दूसरी तरफ उतनी ही तत्परता वह शराब की दुकाने खोलने में दिखा रही है। इन्हीं परस्थितियों में यह खबर गुमला शहर के हरिओम कॉलोनी से निकल कर बाहर आयी है जहां, रघुवर सरकार ने एक रिहाएशी इलाका में शराब की दुकान खोलने का फरमान सुना दिया है। यहाँ की महिलायें सरकार के इस कदम से बहुत परेशान दिख रही है। इसलिए वे खुले तौर पर सरकार के विरोध में उतर आयीं हैं। महिलाओं ने पक्ष रखा है कि यहां पढ़े-लिखे लोग रहते हैं, बच्चें रहते हैं। शराब की दुकान खुलने से उनके बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा, साथ ही यह इलाका शराबियों का अड्डा बन जाएगा।

महिलाओं का तर्क है कि मुहल्ले में शराब की दुकान खुलने से यहाँ शराब पीने वालों का आना-जाना लगा रहेगा। शराब की चाहत में अपराधी प्रवृति के लोग भी मुहल्ले में आयेंगे, जिससे इस क्षेत्र में अपराध बढ़ेगा। महिलाओं का यह भी कहना है कि गुमला शहर अभी शांत है तो शांत ही रहने दिया जाए। सरकार शराब की दुकान खोल कर यहाँ अपराध न बढ़ायें। इस मुद्दे के अंतर्गत मुहल्ले के लोगों ने आपस में बैठक किया। काफी विचार-विमर्श करने के बाद वहां उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि किसी भी स्थिति में इस इलाके में शराब की दुकान वे नहीं खुलने दे सकते।

मुहल्ले की पार्षद अनिता सिंह का कहना है कि वह अपने मुहल्ले में किसी भी कीमत पर शराब दुकान खुलने नहीं देंगी। आगे उन्होंने कहा कि सरकारी-शराब दुकान खुलने से यह मुहल्ला बर्बाद हो जायेगा। स्थानीय सांसद व विधायक को उन्होंने गुहार भी लगायी कि वे इस मामले में ध्यान दे और पूरे मुहल्ले को अशांत होने से बचाएं। अगर गुमला के अधिकारी जबरन शराब बेचने का काम करेंगे, तो मजबूरन उन लोगों को न्यायिक रास्ता अपनाना पड़ेगा।

समझ से परे जो तथ्य है, एक तरफ गुमला में प्रदेश की रघुवर सरकार तकरीबन 250 के करीब स्कूलों को बंद करने में जितनी ताकत झोक रही है उतनी ही ताक़त यही सरकार इस जिले के शांत इलाकों में शराब की दुकानों को खोलने में लगा रही है। महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आखिर यह सरकार ऐसा क्यों करना चाह रही है ? यदि यह सरकार झारखण्ड राज्य का भला चाहती तो क्या कभी भी इनकी स्कूल की जगह शराब की दुकान को प्राथमिकता देती ? इसका सीधा उत्तर होता कि नहीं, तो फिर यह सरकार डंके की चोट पर स्कूल बंद करने को अपनी उपलब्धि गिनवाते हुए यह क्यों कह रही है कि यह इस प्रदेश का विकास कर रही है। यह कैसा विकास है? अब आप ही आंकलन करें कि किसी भी देश या प्रदेश का विकास शराब पर निर्भर करती है या फिर शिक्षा पर…

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