हेमन्त शासन में सामाजिक सुरक्षा पर कार्य देशहित में बड़ी पहल

हेमंत का सामाजिक सुरक्षा में कार्य देशहित में

झारखण्ड : ट्रान्सजेण्डर मुख्यमंत्री राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना. हेमन्त सरकार में जच्चा-बच्चा संरक्षण में भी लाई गयी योजनाएं. आंगनबाड़ी सेविका को 9500 सहायिका को 4750 रुपये प्रतिमाह मानदेय, सामाजिक सुरक्षा के दिशा में बड़ी पहल. रांची : भारत 21वीं सदी में भी जाति-प्रथा जैसे कोढ़ से ग्रसित देश है. इस कोढ़ का घुसपैठ समाज … Read more

सीएम हेमन्त ने सड़क को बनाया राज्य विकास का प्राथमिक आधार 

सीएम हेमन्त ने सड़क को बनाया राज्य विकास का प्राथमिक आधार 

झारखण्ड : सीएम हेमन्त सोरेन का राज्य विकास में सड़क को प्राथमिक आधार बना सामाजिक संपर्क मजबूती देने का प्रयास सराहनीय. जो उनकी आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक विकास के प्रति दूरदर्शी समझ को परिभाषित करता है. रांची : सड़क को मानव जाति के विकास का पूल कहा जाता है. क्योंकि बेहतर सड़क के बिना जन-जीवन किसी … Read more

झारखण्ड : सामाजिक सुरक्षा ही हेमन्त शासन का मूल मंत्र 

सामाजिक सुरक्षा ही हेमन्त शासन का मूल मंत्र 

झारखण्ड : हेमन्त शासन में न केवल एससी, एसटी, ओबीसी, गरीब, बुजुर्ग, महिला छात्र-छात्रा, युवा, कर्मचारी, किसान, श्रमिक की, सजा काट रहे कैदियों की सामाजिक सुरक्षा हो रहा है सुनिश्चित.  रांची : भारत में विचाराधीन कैदियों की भारी संख्या है. चूँकि इन विचारधीन कैदियों में एससी, एसटी, ओबीसी और गरीबों की संख्या अधिक है, केंद्र … Read more

हेमन्त निकले बेदाग़ – आखिरी सहारे ने भी BJP को किया बेसहारा 

हेमन्त निकले बेदाग़ - आखिरी सहारे ने भी BJP को किया बेसहारा 

झारखण्ड : राज्य में पहले ही बीजेपी मुद्दारहित थी. अब सीएम हेमन्त का बेदाग़ होना उनका आखिरी सहारा भी छीन जाने का सच लिए है. ऐसे में झारखण्ड प्रदेश में बीजेपी की पूरी राजनीतिक ज़मीन ही समाप्त होती दिख चली है.  रांची : भारत देश में आरएसएस के बीजेपी शासन विचित्र घोटाले के लिए जानी … Read more

हेमन्त के प्रयासों से झारखंड की बेटियां अब पिता पर बोझ नहीं 

झारखंड की बेटियां अब पिता पर बोझ नहीं 

भारत के पुरुषवादी समाज में बेटियों को बोझ समझने की परम्परा है. लेकिन, एक आदिवासी सीएम हेमन्त सोरेन के नीतियों के अक्स में झारखण्ड की बेटियां अब अपने पिताओं के लिए बोझ नहीं रही. रांची : झारखण्ड की हेमन्त सरकार में राज्य की सामाजिक समस्याओं पर निर्णायक निर्णय लिए गए हैं. इस दिशा में “आपकी … Read more

आदिवासी-मूलवासियों के लिए स्थानीय भाषा में शिक्षा जरुरी

स्थानीय भाषा में शिक्षा जरुरी

भारत श्रम संस्कृति के वाहक बहुसंख्यक आबादी का लोकतांत्रिक राष्ट्र है. इस राष्ट्र में यह बहुसंख्यक आजादी के बाद भी गरीब हैं. इनके मत बेमायने हैं. इनके उत्थान के लिए स्थानीय भाषा में शिक्षा अति आवश्यक.  रांची : भारत श्रम संस्कृत के वाहक बहुसंख्यक आबादी का लोकतांत्रिक राष्ट्र है. अनुसूचित जातियों -आदिवासी, दलित, शूद्रों, गरीबों … Read more