ओरमांझी हत्याकांड

ओरमांझी हत्याकांड: झारखंड पुलिस की सफलता काबिले तारीफ, भाजपा की गंदी सोच फिर आयी सामने

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ओरमांझी हत्याकांड:मृतक को हिंदु लड़की मान भाजपा ने सेंकी राजनीतिक रोटी, मुस्लिम निकली, तो मर गयी अंदर की इंसानियत। मृतक हिंदु हो या मुस्लिम, जरूर सोचना चाहिए कि के घऱों में भी है मॉ-बहन 

महिलाओं के इज्जत से खेलने वाले भाजपा नेताओं से वैसे भी क्या उम्मीद की जा सकती हैं   

रांची। राजधानी का चर्चित ओरमांझी युवती हत्या कांड जिसे ब्लाइंड मर्डर केस माना जा रहा था, को 9 दिनों में सुलझाकर झारखंड पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। चर्चित हत्याकांड से दो बातें साफ तौर सामने आयी। पहला केस को निपटाने में जुटे तमाम पुलिस अफसरों की मेहनत और त्वरित एक्शन का नतीजा है कि ब्लाइंड मर्डर केस दसवें दिनों में सुलझ गया। दूसरा, गंदी सोच के मद्देनजर सत्ता के लोभ में  भाजपा नेता व उसके समर्थक किसी भी हद तक उतर सकते हैं। 

ज्ञात हो कि भाजपा के गुंडों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सुरक्षा काफिले पर हमले जैसे घिनौने, कायरतापूर्ण कार्य को अंजाम दिया। गंदी गालियों से भी परहेज नहीं किया गया। जो न केवल निंदनीय है, विचारधारा का भी परिचय देती है। हालांकि, महिलाओं के इज्जत से खेलने वाले भाजपा नेताओं से उम्मीद भी क्या की जा सकती है।  

भाजपा नेताओं ने गंदी मानसिकता का परिचय दे सेंकी राजनीतिक रोटियाँ 

बता दें कि रांची पुलिस ने बीते 3 जनवरी को राजधानी स्थित ओरमांझी के साईनाथ यूनिवर्सिटी के पीछे झाड़ियों के बीच युवती की निर्वस्त्र और सिरकटी लाश बरामद की थी। न तो मृत युवती की शिनाख्त हो पा रही थी, न कटे हुए सिर का कोई पता चल रहा था। दर्जनों पुलिसकर्मियों की टीम पिछले 10 दिनों से लगातार जंगल और आस-पास के इलाके की खाक छानती रही, पर कहीं कोई सुराग नहीं मिल रहा था। इधर राजधानी में दिखावे के तौर पर इस मुद्दे को लेकर आक्रोश का उबाल पर था। विपक्षी पार्टी का जंग लड़ रही भाजपा घटने पर गंदी मानसिकता का परिचय देते हुए राजनीतिक रोटियाँ सकने से नहीं चूकी।

एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने हर घटना का बारीकी से किया अध्ययन, मिली सफलता 

ब्लाइंड माने जाने वाले इस केस को निपटाने के लिए रांची एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने हर एक घटना का बारीकी से अध्ययन किया। घटना में शामिल अपराधियों की पहचान हो, इसके लिए पुलिस ने इनकी पहचान बताने वालों को इनाम की राशि बढाकर 5 लाख रुपए कर दी। लेकिन फिर भी अपराधियों का कोई सुराख नहीं मिलने से विपक्ष विशेषकर भाजपा नेताओं ने पुलिस की प्रतिष्ठा पर ही सवाल उठा दिया।

एसएसपी ने अपने सूझ-बूझ व सोर्सेज से उस परिवार का पता लगाया, जिसके घऱ से कोई युवती मिसिंग तो हैं, लेकिन उनका केस पुलिस में रिपोर्ट न हुआ हो। अंततः 10 जनवरी को पुलिस के सोर्स ने एक ऐसे परिवार को ढूंढ़ निकाला, जिनकी विवाहिता बेटी पिछले कुछ दिनों से लापता थी। लेकिन उन्होंने इस बात की जानकारी पुलिस को नहीं दी थी। पुलिस ने उस परिवार के मदद से केस का निपटारा कर दिया। और मुख्य अपराधी कानून के शिकंजे में है। 

भाजपा नेताओं की जैसी सोच है, उनसे और उम्मीद ही क्या की जा सकती है

पुलिस की सफलता के साथ ओरमांझी हत्याकांड ने भाजपा नेताओं के उस गंदी सोच को भी सामने ला दिया, जो वे हिंदुत्व के नाम पर करते हैं। इसमें कहने में कोई परहेज नहीं कि भाजपा नेताओं को लगा रहा था कि यह युवती हिंदु ही होगी। इसे लेकर भाजपा नेताओं ने बिगड़ती कानून व्यवस्था को आसमान पर उठा रखा था। यहां तक कि हर दिन बिगड़ती कानून व्यवस्था का हवाला देकर भाजपा नेता राजभवन के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर हेमंत सरकार व झारखंड पुलिस को बदनाम करने का भर सक प्रयास किया। 

राजभवन के समक्ष घरने पर बैठे भाजपा नेताओं के सामने महिलाओं ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व पुलिस पदाधिकारियों को गंदी गालियां देने से भी नहीं चुकी, जिसे किसी भी तरह से सही नहीं ठहराया जा सकता। खैर, भाजपा नेताओं की जैसी सोच है, उससे और उम्मीद ही क्या की जा सकती है। लेकिन जैसे ही पता चला कि मृतक युवती का मुस्लिम परिवार से जुड़ी होने का पता चला, सभी भाजपा नेता ऐसे खामोश हो गये, जैसे उनके घर पर मॉ-बहन हैं ही नहीं। जो साबित करता है कि झूठे हिंदुत्व का सहारा लेकर वह केवल राजनीति रोटी ही सेंक रहे थे।

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