Welcome to Jharkhand Khabar   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Khabar
  TRENDING
मुफ्त कोरोना वैक्सीन देने का वादा करने वाली भाजपा अपने नेता को ही नहीं बचा सकी
जेलों में बंद कैदियों को सम्मान देने के साथ उनके कुशलता का उपयोग भी करना चाहते हैं मुख्यमंत्री
कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड -किसानों के राहत के नाम पर आवंटन 1 लाख करोड़ से होगा कॉपोरेट घरानों को फायदा !
समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में क्या हुआ, 15 दिन में रिपोर्ट दें
पत्थलगढ़ी के दर्ज मामलों को वापस लेकर मुख्यमंत्री ने राज्य को बिखरने से बचाया
दबे-कुचले, वंचितों के आवाज बनते हेमंत के प्रस्ताव को यदि केंद्र ने माना तो नौकरियों में मिलेगा आरक्षण का लाभ
टीआरपी घोटाला : लोकतंत्र का चौथे खम्भे मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता खोयी
सर्वधर्म समभाव नीति पर चल राज्य के मुखिया पेश कर रहे सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल
खाद्य सुरक्षा: आरोप लगा रहे बीजेपी नेता भूल चुके हैं – जरूरतमंदों को 6 माह तक खाद्यान्न देने की सबसे पहली मांग हेमंत ने ही की थी
Next
Prev

झारखंड स्थापना दिवस की शुभकामनाएं

झारखंडी जनता

मनरेगा में संविदा पर कार्यरत कर्मियों के लिए दीपावली में झारखंड सरकार ने दी सौगात

पिछली सरकारों की अनदेखी से राज्य की जनता के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या गहराई है

झारखंड एक गरीब व मजदूरों का प्रदेश है। पिछली सरकारों की अनदेखी के कारण राज्य की जनता के समक्ष रोजी-रोटी की समस्या गहराई है। ज्ञात रहे यही वह राज्य है जहाँ रघुवर की पिछली सरकार में दर्जनों गरीबों की भूख से मौतें हुई। नतीजतन गरीबी के कारण पहले भी झारखंड से मजदूरों के पलायन होते रहे हैं लेकिन, रघुवर शासन में पलायन में इजाफा हुआ। ऐसे में कोरोना त्रासदी ने देश में एक दुर्भाग्य के रूप में दस्तक दी। केंद्र की बेप्लानिंग नाकेबंदी ने देश भर के तमाम मजदूरों को तितर-बितर कर दिया है।

जहाँ कोरोना ने देश की जीडीपी को गर्त में पहुंचाया। लाखों मजदूर के समक्ष रोजगार की समस्या खड़ा होने के कारण मजदूर अपने राज्य पैदल सड़क नापते लौटने को मजबूर हुए। कई मजदूरों की मौतें हुई, लाखों मदूरों की वापसी हो चुकी है। ज्ञात हो कि झारखंड के मुख्यमंत्री ने अपने मजदूरों को अन्य राज्यों की सरकारों के भाँती बीच राह में मरने को नहीं छोड़ा। अल्प संसाधन में भी मुख्यमंत्री सोरेन ने तमाम अवरोधों को पार करते सभी लोगों को बस, ट्रेन व प्लेन से – जैसे संभव हुआ वापस झारखंड लाये।  

श्रमिकों की कुशलता पहचानने व क्षेत्र के उद्योगों में मानव संसाधन की मैपिंग

सीएम सोरेन ने झारखंड के सभी जिले के डीसी को निर्देश दिया था कि वे ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु तेजी से काम करें। साथ ही श्रमिकों की कुशलता पहचानने और क्षेत्र के उद्योगों में मानव संसाधन की जरूरत की मैपिंग तैयार करने के भी निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के इस प्रयास से श्रमिकों को उनके घर के पास के उद्योगों में रोज़गार मिलने की उम्मीद बढ़ी है। साथ ही राज्य के बाहर काम की तलाश में जाने वालों झारखंडी मजदूरों के सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने अंतरराज्यीय प्रवासी कानून को मजबूती देने की भी बात कही। 

मनरेगा में संविदा पर कार्य कर रहे कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं ईपीएफ सुविधा की पहल

इन्हीं कारणों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मोदी सरकार की नीतियों से इतर झारखंड में मज़दूरों के हित में नयी राह बनाते दिखते हैं। श्रमिकों के रोज़गार को सुरक्षित करने की दिशा में वह लगातार प्रयासरत देखे गए हैं। उनके द्वारा इस दिशा में की जाने वाली एक के बाद एक प्रयास साफ़ तौर पर यही पुष्टि करता है। इस बार भी झारखंड सरकार मनरेगा के संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा एवं कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की सुविधा की पहल की है।  

झारखंड सरकार राज्य में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा एवं कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने योजना सह वित्त विभाग की सहमति प्राप्त करने की शर्त पर कार्मिक विभाग की सहमति संसूचित करने के आलोक में संबंधित प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। ज्ञात हो कि मनरेगा अंतर्गत राज्य/क्षेत्रीय स्तर पर संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों को अब तक ईपीएफ सुविधा प्राप्त नहीं है। निश्चित रूप से उनके भविष्य के लिए यह मील का पत्थर साबित हो सकता है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts

Click to listen highlighted text!