हेमंत के फैसले से कुदरत भी खुश – चमत्कार 2020

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बिरसा हरित ग्राम योजना,हेमंत के फैसले से कुदरत भी खुश

हेमंत के फैसले से कुदरत भी खुश है तो कुदरत को सवारने के लिए बिरसा हरित ग्राम योजना की शुरुआत। कोरोना के सकारात्मक मामला आना थमा।   

कहा जाता है कि अगर आप हिम्मत करते हैं, तो प्रकृति भी आपको पूरी ताकत से मदद करती है। बता दें कि सरकार प्रवासी मज़दूरों को झारखंड ला रही है। हेमंत सोरेन ने अपने साक्षात्कार में कहा कि वह श्रमिकों के साथ संक्रमण लाने के लिए मानसिक रूप से तैयार हैं। हालांकि आगंतुकों की विशेष रूप से जांच की जा रही है। लेकिन, प्रकृति उनके फैसले से खुश भी दिख रही है। क्योंकि कोरोना के सकारात्मक मामले आने बंद हो गए हैं, जहां संक्रमण बढ़ने की आशंका थी। तथा कल से लेकर आज तक झारखंड में एक भी सकारात्मक मामला नहीं देखी गई है।

हेमंत के फैसले से कुदरत भी खुश – 364 नमूनों में एक भी पॉजिटिव नही

इसके साथ, राज्य में अभी भी 115 मरीज़ ही हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण है। और, राज्य भर में 27 लोग इस संक्रमण से उबर चुके हैं। रविवार को प्रकाशित हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, कुल 364 नमूनों का विश्लेषण किया गया। उनमें से किसी में भी कोई सकारात्मक मामला नहीं दिखा। राज्य में वर्तमान में 85 सक्रिय मामले हैं। जिसमें, राँची हिंदपीढ़ी हॉटस्पॉट से साठ मरीज संक्रमित शामिल हैं। लेकिन, विडम्बना यह है कि इस संकट में भी भाजपा द्वारा की जाने वाली राजनीति का सिलसिला रुका नहीं है।

मजदूर व छात्रों ने चैन की ली सांस 

बिरसा हरित ग्राम योजना,हेमंत के फैसले से कुदरत भी खुश

राजस्थान कोटा से छात्रों को वापस ले आया गया है। वापसी से तमाम क्षेत्रों के छात्रों के मुरझाये चेहरे फिर से  खिल उठे हैं। वह आराम महसूस कर रहे हैं। परिवार की चिंताएं भी दूर हुई है। लौटे छात्रों ने अपने परेशानी बताया और सरकार के साथ  प्रशासन को धन्यवाद दिया। कहा कि वे डर के साये में वहां रह रहे थे। 

प्रवासी मज़दूर भी अपने घर पहुँचने से काफी खुश है। और उन्होंने भी सरकार को धन्यवाद दिया है। यही नहीं लॉकडाउन क्व दौरान उन्हें खाना व आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए भी आभार व्यक्त किया साथ ही यह भी कहा कि हेमंत सरकार उनके लिए बहुत परेशान रही है और बहुत परेशान भी रही है। वे सरकार के कार्यशैली से खुश हैं। सोशल मिडिया पर भी हेमंत सरकार को बधाई देने का तांता लगा पड़ा है। लोगों के कमेन्ट से उनकी ख़ुशी का अंदाजा लगाया सकता है।

बिरसा हरित ग्राम योजना,हेमंत के फैसले से कुदरत भी खुश

हेमंत के फैसले से कुदरत भी खुश है तो हेमंत ने कुदरत के शुरू किया बिरसा हरित ग्राम योजना

झारखंड सरकार ने प्रकृति में संवारने और मजदूरों को रोजगार प्रदान करने के लिए बिरसा हरित ग्राम योजना शुरू की है। साथ ही सभी बाधाओं को दूर करने और योजना स्थल का चयन करने के तुरंत बाद काम करना शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही गड्ढा खुदाई और घेराबंदी का काम 20 मई तक पूरा कर लेने का आदेश दिया है। 

झारखण्ड सरकार : अधिक मजदूरों को रोज़गार देने के निर्देश 

प्रखंड कार्यक्रम के सभी अधिकारियों को बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत, मनरेगा के काम में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही, अधिक श्रमिकों के लिए रोजगार प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके। ज्ञात हो कि राजधानी में मनरेगा योजना के तहत 13 हजार से अधिक श्रमिक काम कर रहे हैं।

झारखण्ड सरकार : सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य

बिरसा हरित ग्राम योजना के सम्बन्ध में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य है। उन्हें  सोशल डिस्टेंसिंग के लिए, नाक और मुंह को गमछे से बाँध कर तकरीबन एक हाथ की दूरी की दूरी बताते हुए काम को कहा गया है। ताकि संक्रमण का खतरा किसी भी स्तर पर न रहे।

झारखण्ड सरकार: सुदिव्य कुमार सोनू ने गिरिडीह में शुरू की वैकल्पिक शिक्षा व्यवस्था 

गिरिडीह शहरी क्षेत्र के झामुमो विधायक सुदिव्य कुमार सोनू,इस संकट के वक़्त में मानवता के उदाहरण पेश कर रहें है। अभी कुछ दिनों पहले, स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके द्वारा किये गए शानदार पहल के कारण नीति आयोग ने सराहना की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से साड़ी अडचने दूर कर गिरिडीह के प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजे। अपने क्षेत्र में वे बिना रुके लगातार अनोखी पहल कर रहे हैं।  

बिरसा हरित ग्राम योजना,हेमंत के फैसले से कुदरत भी खुश

अब उन्होंने लॉकडाउन के कारण छात्रों की बाधित पढ़ाई को ऑनलाइन के माध्यम शुरू करने की अनूठी पहल की है। उन्होंने झारखण्ड सरकार के शिक्षा मंत्री के साथ मिलकर शहर के सिटी केवल के माध्यम से पढ़ाई कारवाना शुरू किया है।

उनके इस पहल में शहर के डीएवी जैसे बड़े शिक्षण संस्थान , सिटी न्यूज़ व केबल मालिक स्वेछा से मदद करने के लिए आगे आये हैं। शिक्षण संसथान ने अपने बेहतरीन शिक्षकों को पढ़ने के भेजे हैं तो सिटी न्यूज़ व केबल मालिक अपने उपकरणों के साथ खड़े हो गए। बच्चों की पढ़ाई आज से शुरू हो गयी है। 

बहरहाल, जहाँ चाह वहां राह की कहावत को चरितार्थ कर रही है झारखंड सरकार। एक तरफ उसने राज्य के जनता के हितों को लेकर बेहतरीन प्रयास कर रही है। तो दूसरी तरफ स्वास्थ्य, शिक्षा व आर्थिक व्यवस्था के क्षेत्र में उतने ही शक्ति के साथ जूझती दिखती है। सारांश के तौर पर कहा जा सकता है कि हेमंत सरकार का बिरसा हरित ग्राम योजना शुरू करना राज्य के लोगों में संभावनाओं को उदय कर रही है। तभी तो झारखण्ड सरकार व हेमंत के फेसले से कुदरत भी खुश है।  

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