हेमन्त सरकार ने बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता पहुंचाने की ओर बढ़ाया कदम

Share on facebook
Share on telegram
Share on twitter
Share on whatsapp
बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता पहुंचाने की ओर बढ़ाया कदम

झारखण्ड राज्य में हेमन्त सरकार बेटियों की शिक्षा के प्रति संवेदनशील है. राज्य की गरीब मेधावी छात्राओं को बाहर अथवा राज्य के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नामांकन के उपरांत, आर्थिक सहायता प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव के प्रारूप पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपनी सहमति दी है. प्रस्ताव उच्च, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग द्वारा तैयार की गई है. राज्य की गरीब मेधावी छात्राओं को बाहर अथवा राज्य में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में अब परिवार की आर्थिक स्थिति बाधक नहीं बन सकेगी. और तकनीकी शिक्षा पाने वाली छात्राओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त होने से प्रोत्साहन भी मिलेगा. 

तकनीकी शिक्षा पाने वाली छात्राओं को 1 लाख प्रति वर्ष मिल सकेगी आर्थिक सहायता 

उक्त प्रस्ताव में राज्य या राज्य से बाहर स्थित MHRD द्वारा घोषित Overall NIRF Ranking वाले प्रथम 100 संस्थानों/विश्वविद्यालय के AICTE से मान्यता प्राप्त स्नातक/ स्नाकोत्तर स्तर पाठ्यक्रमों (विश्वविद्यालय के मामले में विश्वविद्यालय द्वारा Managed मुख्य कैंपस में ही संचालित उक्त कोर्स) में राज्य के छात्राओं का नामांकन होने पर प्रत्येक वर्ष संबंधित कोर्स के उस बैच के लिए निर्धारित कुल वार्षिक फीस अथवा रुपए 1 लाख मात्र ( दोनों में से जो कम हो) आर्थिक सहायता के रूप में दिया जाएगा. यह सहायता अधिकतम 200 छात्राओं को प्रतिवर्ष दिए जाने पर लगभग रुपए 2 करोड़ प्रतिवर्ष व्यय होने की संभावना है. चयनित छात्रा को निर्धारित कोर्स अवधि तक के लिए आर्थिक सहायता मिल सकेगी.

स्नातक/स्नाकोत्तर स्तर के पाठ्यक्रमों में राज्य के छात्राओं मिल सकेगी 50 हजार की सहायता 

राज्य या राज्य के बाहर स्थित भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थानों/ विश्वविद्यालय द्वारा Managed मुख्य कैंपस में, अथवा अन्य राज्यों के प्रतिष्ठित सरकारी संस्थानों में संचालित, AICTE से मान्यता प्राप्त स्नातक/स्नाकोत्तर स्तर पाठ्यक्रमों में राज्य के छात्राओं का नामांकन होने पर, प्रति वर्ष संबंधित कोर्स के लिए निर्धारित कुल वार्षिक फीस अथवा रुपए 50 हजार मात्र (दोनों में से जो कम हो) आर्थिक सहायता दिया जा सकेगा. यह सहायता अधिकतम 100 छात्राओं के लिए होगी, जिसपर लगभग रुपए 50 लाख प्रतिवर्ष व्यय होने की संभावना है. चयनित छात्रा को लगातार यह आर्थिक सहायता मिल सकेगी. 

विभागान्तर्गत तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नामांकन होने पर 10 से 20 हजार रुपए तक की सहायता

विभागान्तर्गत तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नामांकन होने की स्थिति में राज्य की बालिकाओं को डिप्लोमा कोर्स हेतु रुपए 10 हजार प्रति वर्ष एवं डिग्री अभियंत्रण कोर्स हेतु रुपए 20 हजार प्रति वर्ष आर्थिक सहायता के रूप में दिया जा सकेगा. यह सहायता प्रत्येक वर्ष डिप्लोमा के लिए अधिकतम 1500 छात्राओं एवं डिग्री अभियंत्रण कोर्स हेतु अधिकतम 500 छात्राओं को दिए जायेंगे. जिसपर लगभग 2.50 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष व्यय होने की संभावना है. चयनित छात्रा को निर्धारित कोर्स अवधि तक के लिए आर्थिक सहायता मिल सकेगी.

नोट : यदि छात्रा किसी सेमेस्टर/वर्ष में अनुत्तीर्ण नहीं होती हैं तो उन्हें यह सुविधा नहीं मिल सकेगी.

Leave a Replay

DON’T MISS OUT ON NEW POSTS

Don’t worry, we don’t spam. Click button for subscribe.