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हेमंत काल में दूर होगी डॉक्टरों की कमी, ग्रामीण झारखंड तक पहुँचेगी चिकित्सा

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तीन साल बाद राज्य में 323 चिकित्सा पदाधिकारी व डॉक्टर की हुई नियुक्ति, स्वस्थ झारखंड के मद्देनज़र देश-दुनिया के पटल पर सरकार का अलग चेहरा उभरा

2019 के MCI रिपोर्ट में झारखंड का डॉक्टरों की कमी से जूझने का सच साफ़ दिखा था 

राँची। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) की रिपोर्ट 2019 में झारखंड स्वास्थ्य सेवा की ज़मीन हकीक़त दिखे। रिपोर्ट में साफ़ तौर पर झारखंड का डॉक्टरों की भारी कमी से जूझने का जिक्र हो। जहाँ हर बरस 300 डॉक्टर तैयार करने वाले झारखंड का सच, WHO की निर्धारित प्रति 1000 मरीज़ों पर एक डॉक्टर के लक्ष्य से 87 बरस दूर  दिखे। वहां मौजूदा मुख्यमंत्री का झारखंडियों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया की दिशा में उठाये कदम, जो कोरोना त्रासदी को संभाल ले, सराहनीय माना जा सकता है। और ग्रामीण झारखंड में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के मातहत उनकी नीतियों को एक साहसिक बीड़ा के तौर भी जगह दिया जाना चाहिए। 

झारखंड स्वस्थ हो, समृद्धि हो, के अक्स में हेमंत सरकार की बड़ी लकीर

हेमंत सोरेन का मानना है कि उनकी सरकार का लक्ष्य राज्य के हर लोगों के चेहरे पर भी मुस्कान लाना हैं। यह सरकार स्वस्थ और समृद्ध झारखंड के सपना को लेकर काम कर रही है। वह मरीजों के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं, ताकि सरकार का चेहरा देश और दुनिया में दिख सके। ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों और दूसरे मेडिकल स्टाफ की कमियों को दूर करने पर सरकार की नजर है। इस दिशा में हेमंत सरकार ने बीते दिनों राज्य सरकार के तीन अहम निर्णय लिये है। 

इसमें सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वालों को 3 साल तक सरकारी अस्पतालों में सेवाएं देने, मेडिकल कॉलेजों के शिक्षक 70 साल की उम्र में रिटायर करने और राज्य में करीब 3 साल बाद 43 चिकित्सा पदाधिकारी और 280 डॉक्टर की नियुक्ति प्रमुखता से शामिल हैं। 

3 साल तक सरकारी अस्पतालों में नौकरी, नहीं तो जुर्माना 50 लाख तक का  

बीते दिनों मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग से एक प्रस्ताव मांगा था। प्रस्ताव में जिक्र था कि राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाले छात्रों को 3 साल तक राज्य के सरकारी अस्पतालों सेवायें देनी होगी। कॉलेजों में दाखले के वक़्त ही बॉड भरवाया जाएगा। इसके अलावा कोई छात्र अगर 10 साल तक सरकार के साथ काम करने को तैयार है, तो ही उसे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में पीजी में एडमिशन में प्राथमिकता मिलेगी। कुल पीजी सीटों में से 15 प्रतिशत सीटें ऐसे छात्रों के लिए भी आरक्षित करने की बात सीएम ने की थी।

एडमिशन के वक्त भरवाए जा रहे बॉन्ड का उल्लंघन करने पर उनसे 20 से 50 लाख रुपए तक का हर्जाना वसूला जाएगा। सीएम के मांग पर विभाग ने कमोवेश प्रस्ताव तैयार कर लिया है। संभवतः जल्द ही कैबिनेट की बैठक में इसे स्वीकृति मिल जाएगी। 

हेमंत सोरेन की सोच राज्य को होगा दो फायदा 

मुख्यमंत्री के सोच व्यवस्था में लागू होने होने से दो फायदें होंगे। पहला राज्य को हर साल 700 से 1000 डॉक्टर मिलेंगे। वहीं ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को काम करना होगा। राज्य में राजधानी स्थित रिम्स में 250, जमशेदपुर में 100, धनबाद में 50, पलामू-दुमका और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज (अभी शुरू नहीं हुआ है) में 100-100 एमबीबीएस सीटों पर एडमिशन लेने वालों को राज्य में 3 साल की अनिवार्य सेवा देनी होगी। हेमंत सरकार जल्द ही कोडरमा-चाईबासा में भी मेडिकल कॉलेज शुरू करने जा रही है। वहीं खूंटी-पाकुड़ में भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है।

मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के रिटायरमेंट उम्र 67 से 70 साल करने के फैसले से भी दूर होगी डॉक्टरों की कमी

डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए हेमंत सरकार राज्य के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी पूरा करने के लिए प्रस्ताव में, रिटायरमेंट की उम्र 67 साल से बढ़ाकर 70 साल करने की पेशकस की है। रिटायरमेंट उम्र बढ़ने से भी दोक्टोर्ण की कमी को ताला जा सकता है। उच्च शैक्षणिक पदों पर डॉक्टर न मिलने से राज्य के कई मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या नहीं बढ़ रही है। इससे कई मेडिकल कॉलेजों को मान्यता मिलने में भी दिक्कत हो रही है। लेकिन सरकार के इस निर्णय से राज्य में डॉक्टरों की कमी को दूर की जा सकेगी। 

325 चिकित्साकर्मियों की नियुक्ति से झारखंडियों को मिलेगा बेहतर स्वास्थ्य लाभ

हेमंत सरकार की तीसरे पहल से, 3 साल के बाद बीते माह राज्य में 323 मेडिकल कर्मी की नियुक्ति हुई। इसमें 43 चिकित्सा पदाधिकारी और 280 डॉक्टर शामिल हैं। इनमें 280 का चयन JPSC  द्वारा कर स्थायी चिकित्सक के पद पर नियुक्त किया गया है। बाकी 87 चिकित्सकों का सेलेक्शन एनएचएम की तरफ से हुआ है। इन्हें कॉन्ट्रैक्ट पर रखा गया है। इनकी नियुक्ति से राज्य के लोगों को बेहतर चिकित्सा का लाभ मिल सकेगा।

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