केंद्रीय धुमकुड़िया भवन – आदिवासियत परंपरा-संस्कृति के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण प्रयास

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धुमकुड़िया भवन

रांची, करमटोली में भव्य धुमकुड़िया भवन का होगा निर्माण, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भूमि पूजन अनुष्ठान में हुए सम्मिलित, शिलापट्ट का किया अनावरण. लगभग डेढ़ करोड़ रुपए की राशि से 12 महीने में  तैयार होगा यह ऐतिहासिक भवन.

झारखंड में धुमकुड़िया भवन का निर्माण अनूठा और ऐतिहासिक कदम

आदिवासी समुदाय को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास

आने वाली पीढ़ी को सामाजिक संस्कारों से जोड़ने में निभाएगा अहम जिम्मेदारी

हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री

झारखंड, 14 जुलाई 2021, एक ऐतिहासिक दिन. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन द्वारा धुमकुड़िया भवन का शिलान्यास किया गया. जो झारखंड के 20 वर्षों के इतिहास में, अनूठा व ऐतिहासिक कदम है. गति यही रही तो जल्द धुमकुड़िया भवन का उद्घाटन भी होगा. धुमकुड़िया शब्द में आदिवासियत रचा-बसा है. धुमकुड़िया वह ठहराव है जहां आदिवासी बैठकर संस्कार तय करते हैं तथा सामुदायिक चर्चा, विचार-विमर्श किए जाते है. मसलन, धुमकुड़िया की परंपरा व महान संस्कृति को अक्षुण्ण रखना हमारी जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने तमाम बातें उमंग व नयी जोश के साथ केंद्रीय धुमकुड़िया भवन के भूमि पूजन तथा शिलापट्ट का अनावरण कार्यक्रम में कहीं.

पूर्वजों ने हमें सामाजिक तथा सांस्कृतिक धरोहरों से जोड़ा, आने वाली पीढ़ी को हम जोड़ें

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने हमें अपनी सामाजिक तथा सांस्कृतिक धरोहरों के साथ यहां तक पहुंचाया है. हमारी जिम्मेदारी है कि हम भी उसी भावना के साथ आने वाली पीढ़ी को सांस्कृतिक तथा सामाजिक संस्कारों के साथ आगे की राह ले चलें. मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के दौर में भी आदिवासी समुदाय उन ऊंचाइयों तक नहीं पहुंच पाया है, जहां उसे पहुंचना चाहिए था. 

विकास के मार्ग में आदिवासी समाज को गति मिले, इस निमित्त मार्गदर्शक सह मंत्री श्री चंपई सोरेन के नेतृत्व में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. विभाग द्वारा धुमकुड़िया भवन का निर्माण कार्य प्रारंभ झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होने वाली पहल है. मैंने पहले भी रांची हरमू ऐसे ही सोच की नींव रखी थी, आज सरना स्थल के रूप में समाज में अपनी उपयोगिता साबित कर रहा है. मसलन, सामाजिक एकजुटता ही सशक्त समाज का आधार होता है. इसलिए, हमें सदैव अपने संस्कृति और सामाजिक संस्कारों से जुड़ कर रहना चाहिए.

12 महीनों में पूरा होगा धुमकुड़िया भवन का निर्माण कार्य

लगभग डेढ़ करोड़ की राशि से बनने वाला यह धुमकुड़िया भवन का निर्माण कार्य 12 महीनों में पूरा कर लिया जाएगा. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी कि राज्य में यह प्रतीक हमें राजनीति से अलग हटकर समाज के उत्थान, प्रगति एवं सकारात्मक दिशा देने में हमें प्रेरित करेगा. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, मंत्री चंपई सोरेन सहित व अन्य की उपस्थिति में जगलाल पाहन द्वारा रीति-रिवाज के साथ भूमि पूजन अनुष्ठान संपन्न हुआ.

इस अवसर पर रांची सांसद संजय सेठ, पूर्व सांसद सुबोधकांत सहाय, रांची विधायक सी पी सिंह, मांडर विधायक बंधु तिर्की, खिजरी विधायक राजेश कच्छ्प, मेयर रांची आशा लकड़ा, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव अमिताभ कौशल, मुख्यमंत्री के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद, उपायुक्त रांची छवि रंजन, अन्य वरीय पदाधिकारी एवं टाना भगत समुदाय के प्रतिनिधि, आदिवासी समाज के प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे.

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