जीवनदायिनी मनरेगा योजना का गला घोटती रघुबर सरकार!

मनरेगा, महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना को लाने के पीछे गाँवों, शहरों  में  रह रहे लोगों को प्रति वर्ष 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराना था. प्रधानमंत्री मोदी जी ने भी सदन में मनरेगा पर दिए गये अपने वक्तव्य में कहा था कि “मनरेगा को मैं कभी बंद नहीं करूँगा”. मगर झारखण्ड में भाजपा … Read more

अलग झारखण्ड में वन अधिकार अधिनियम की ज़मीनी हकीकत

वन अधिनियम 2006

वन अधिकार अधिनियम की ज़मीनी हकीकत किसी कवि ने अपने शब्दों में कितना सुंदर झारखण्ड का चित्र उकेरा है। सम्पूर्ण छोटा नागपुर एक लम्बा लहरदार-घुमावदार पहाड़ की तरह है…, इसके केंद्र में पठार है…, यह पूरा इलाका कमोवेश घने जंगलों से पटा है…, जब निचले और लहरदार ढलान में असंख्य पेड़ बढ़ते हैं तो इलाकों … Read more

अब समय है गैर कांग्रेसी गैर भाजपा सरकार का-क्योंकि दोनों दलों ने है झारखंड को लूटा

कांग्रेस-भजपा दलों ने झारखंड को लूटा है

कांग्रेसी-भाजपा दलों की सरकार ने अबतक केवल झारखंड को लूटने का काम किया है  झारखंड आन्दोलन, अलग झारखंड से लेकर अबतक के इतिहास को खंगाला जाए तो मंद बुद्धि भी बता सकता है केन्द्रीय दल कांग्रेस हो या भाजपा दोनों ने झारखंडी अस्मिता को तार-तार किया है। इन दोनों दलों ने अबतक केवल झारखंडी आवाम … Read more

जगरनाथ महतो को चुनावी रणनीति के चक्रव्यू में उलझाने का प्रयास : झामुमो गिरिडीह

जगरनाथ महतो

भाजपा चुनावी रणनीति के तहत जगरनाथ महतो को चक्रव्यू में उलझाने का प्रयास : झामुमो गिरिडीह झारखंड के चुनाव में अब एक वर्ष से भी कम समय शेष रह गया है, और जनता का असन्‍तोष सरकार के प्रति बढ़ता ही जा रहा है। इन परिस्थितियों में यह भी साफ़ होता जा रहा है कि 2019 के … Read more

आखिर क्या वजह है कि मुख्यमंत्री को “चु**या” जैसे अपशब्द का सहारा लेना पड़ता है

रघुवर दास ने फिर बोले अपशब्द

मुख्यमंत्री ने फिर किया अपने भाषण में अपशब्द का प्रयोग हिन्दू गौतम कुमार : सावधान इस झूठी सरकार से ये हम झरखंडियो से रोजगार छिनती है हम पर डंडे चलवाती है, हमारी नौकरियां बाहरी राज्य के लोगों को देती है, राज्य में 6447 स्कूल को बंद करवाने का काम करती है। राज्य में बिजली व्यवस्था को … Read more

झारखंड की 13 ( तेरह ) नदियों में 6 ( छह ) नदियां मरने के कगार पर खड़ी

झारखंड की नदियों का हाल

झारखंड के आदिवासियों का जीवन ही नदियों से है  इस समय केरल की लगभग साढ़े तीन करोड़ आवाम ने 70 वर्षों की सबसे विनाशकारी तबाही झेली है। लाखों लोग बेघर और आजीविका के साधन से महरूम हो राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हुए। केरल को इससे उबरने में लम्बा समय लगेगा। इस विनाशलीला … Read more