जमशेदपुर लोकसभा के सर्वे में चम्पई सोरेन हैं जनता की पहली पसंद

जमशेदपुर लोकसभा के उम्मीदवार

जमशेदपुर लोकसभा के लिए महागठबंधन से झामुमो के अनुभवी व गुरूजी के संघर्ष काल के साथी, कोल्हान टाइगर श्री चंपई सोरेन ने झामुमो युवा विधायक कुणाल षाड़ंगी व महागठबंधन के अन्य नेताओं की उपस्थिति में, पूरे दल बल के साथ अपना उम्मीदवारी नामांकन पर्चा दाखिल किया। इस दौरान महागठबंधन के तमाम दलों ने एकता का … Read more

पोस्टर वार में भी भाजपा को झामुमो से मुंह की खानी पड़ रही है

पोस्टर वार

आम चुनाव को लेकर अन्य राज्यों की भंति झारखंड में भी प्रचार प्रसार के अंतर्गत पोस्टर वार जोरों पर हैं और यहाँ के सारे खंभे पोस्टरों-बैनरों से पट दिया गया है। झारखंड में दिलचस्प यह है कि चुनाव प्रचार में बीजेपी को सड़कों पर इस पोस्टर वार में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) से चुनौती मिल … Read more

साहेब की धार्मिक सत्ता के बीते वर्षों में क्या हुआ भूले तो नहीं ?

साहेब की धार्मिक सत्ता

बीते वर्षों में साहेब की धार्मिक सत्ता में देश तीतर-बीतर हो गया  आज रामनवमी के अवसर पर आडम्बर से भरे रामभक्तों को देख कृष्णकाल की वृतांत याद आ जाती है, जब आज के प्रधान नेता के ही भांति उस वक़्त भी किसी को इतना घमंड हो गया था कि वह विष्णु का वेषभूषा धारण कर … Read more

आशीर्वाद तक नहीं दे रहे हैं बुजुर्ग बीजेपी नेता मोदी-शाह के प्रत्याशियों को

आशीर्वाद

इस दफा मोदी-शाह व व उनके प्रत्याशियों को भाजपा बुगुर्गों द्वारा आशीर्वाद के जगह शाप मिल रहा है  झारखंड के राजनीति में मोदी-शाह की बात ही निराली है, बढती उम्र का बहाना बना रांची लोकसभा के पिछले साल के सीटिंग सांसद रामटहल चौधरी का पत्ता बढती उम्र का हवाला दे कर काट देती है तो … Read more

सराबोर चैत-सखूआ-फूलों की खुसबू से मदमस्त फजा के बीच “सरहुल”

सराबोर चैत -सरहुल

रंगों से सराबोर चैत, सखूआ के फूलों की खुसबू से मदमस्त झारखंड की फजां के बीच “सरहुल” प्राकृतिक प्रेमी के पर्याय झारखंडियों के जीवन चक्र को पूरा करती है। इस पर्व के नाम मात्र से ही प्रकृति प्रेमी, नैसर्गिक गुणों के धनी, पर्यावरण के स्वभाविक रक्षक इन आदिवासियों का जीवन समर्थक हो उठता है। सखूआ … Read more

जमशेदपुर के स्वास्थ्य केंद्र भी देश भर के तरह वेंटिलेटर पर

स्वास्थ्य केंद्र

झारखंड की स्वास्थ्य केंद्र निजीकरण के राह पर  मोदी जी ने सबके लिए स्वास्थ्य की ठोस व्यवस्था करने के बजाय देश भर के 10 करोड़ ग़रीब परिवारों के लिए बीमा योजना घोषित कर साफ़ कर दिया था कि आम लोगों जीवन से ज्यादा चिंता उनको बीमा कम्पनियों की फायदे कि थी। साथ यह स्वास्थ्य बीमा … Read more