सराबोर चैत-सखूआ-फूलों की खुसबू से मदमस्त फजा के बीच “सरहुल”
रंगों से सराबोर चैत, सखूआ के फूलों की खुसबू से मदमस्त झारखंड की फजां के बीच “सरहुल” प्राकृतिक प्रेमी के पर्याय झारखंडियों के जीवन चक्र को पूरा करती है। इस पर्व के नाम मात्र से ही प्रकृति प्रेमी, नैसर्गिक गुणों के धनी, पर्यावरण के स्वभाविक रक्षक इन आदिवासियों का जीवन समर्थक हो उठता है। सखूआ … Read more