संसाधन लूट से पैदा हुए प्रदूषण से मरती आम ग़रीब जनता

संसाधन लूट से पैदा हुए प्रदूषण

झारखंड में संसाधन लूट से पैदा हुए प्रदूषण ने घटाई आम जनता की उम्र   देश को पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन की साल 2016 की रिपोर्ट ने यह खुलासा कर हिला दिया था कि भारत में अकेले प्रदूषण और ज़हरीली हवा की वजह से एक लाख बच्चों की मौत हुई, जबकि दुनिया में छह लाख … Read more

Dushyant Chautala – दुष्यंत चौटाला सरकार को कोसने वाले दल भी हो सकते है!

Dushyant Chautala

झारखण्ड में छठ बाद होने वाली चुनावी घोषणा ने तमाम राजनीतिक दलों की माथापच्ची बढ़ा दी है।  एक तरफ विपक्ष ने गठबंधन की गतिविधि तेज कर दी है तो दूसरी तरफ झाविमो, जदयू व एमआईएम ने अलग राह पकड़ ली है। साथ ही सीटों के बँटवारे को लेकर बीजेपी -आजसू के बीच ठनी तना-तनी की … Read more

फासीवादी व्यवस्था में बेरोज़गारी एक सामान्य परिघटना

फासीवादी व्यवस्था में बेरोज़गारी

फासीवादी व्यवस्था में बेरोज़गारी एक सामान्य परिघटना, झारखंड इसका जीता जागता उदाहरण  फासीवादी व्यवस्था में बेरोज़गारी एक सामान्य परिघटना होती है, क्योंकि उनकी पूरी चुनावी व्यवस्था पूँजीपतियों के रहमोकरम पर ही निर्भर करता है। फासीवादियों के शासन में उनके चहेते पूँजीपति वर्ग को बेरोज़गार आबादी की ज़रूरत होती है। यदि सभी को रोज़गार मिल जायेगा … Read more

निर्वाचन आयोग क्या झारखंड में चुनावी घोषणा को लेकर निष्पक्ष है?

भारत निर्वाचन आयोग

खबर है कि भारत निर्वाचन आयोग की टीम चुनावी तैयारी की समीक्षा हेतु 3 नवंबर को राँची पहुँचेगी। जबकि आयोग में अब तक कार्यक्रमों की मिनट टू मिनट सूची नहीं भेजा गया है। लेकिन आयोग के दौरे की वजह से अटकलें लग रही है कि झारखंड में चुनाव की घोषणा छठ के बाद संभव हो … Read more

एआईएमआईएम के खिलाफ विवादास्पद बयान दे भाजपा दिखावा करती है 

एआईएमआईएम

अपने बयानों से चर्चा में रहने वाले केन्द्रीय मंत्री गिररिाज सिंह ने शुक्रवार को बिहार के लोगों को सचेत करते हुए ट्वीट किया, “बिहार के उपचुनाव में सबसे खतरनाक परिणाम किशनगंज से उभर कर आया है। ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम जिन्ना की सोच वाली है, ये वंदे मातरम से नफरत करते हैं। इनसे बिहार की … Read more

सत्ता का खेल बिगाड़ जनता किसी एक विपक्ष को सत्ता में बैठा सकती है

सत्ता का खेल

झारखंडी जनता इस बार सत्ता का खेल बिगाड़ते हुए किसी एक विपक्ष को सत्ता में बैठा सकती है आज झारखंड दुखी हैं, इतने दुखी कि दीवाली की मिठाइयाँ भी उन्हें कड़वी लग रही है। राज्य का कोई भी आम नागरिक समझता है कि राज्य चलाने वालों ने ही उनके पीछे परछाईं की तरह खड़े होकर … Read more