ख़ामोशी में कोई आहट न खोजे राजनीतिक तूफ़ान का इंतजार करें

बाबूलाल

आप किसी ख़ामोशी में कोई आहट ना खोजिये। सूत्र कहते हैं कि भाजपा बाबूलाल मरांडी जी को पद देकर उनकी पार्टी सहित मिला अपनी डूबते नैया को बचाने भर का यह प्रयास भर हो सकता है। लकीर तो बड़ी लग रही है, लेकिन इसके अक्स तले जो सवाल उभर के सामने आने वाले है वह … Read more

नायक के रूप में उभर रहे हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

नायक

झारखंड के गुज़रे पिछले कुछ साल का इतिहास फ़ासीवाद की आक्रामकता के तौर पर याद किया जाता रहेगा। आम वर्ग की जनता हमेशा ही अपने संघर्षों से नायक पैदा करती है। भाजपा की रघुवर सत्ता ने पिछले पाँच बरस इस प्रदेश के नागरिकों को झुलसाया। परेशान जनता ने सड़कों पर संघर्ष कर नायक के रूप … Read more

सोहराय बंधनमुक्त व स्वाधीनता के परिचायक 

सोहराय

पशु- प्रकृति समेत तमाम जीवों को बंधनमुक्त कर स्वाधीन रूप में विचरण करने की परंपरा अर्थात प्रेम और परोपकार का पर्याय है सोहराय पर्व। सोहराय शब्द की उत्पत्ति सोहारओ या सोहार से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ आदर सम्मान के साथ संवर्धन कराना है। यह पर्व संथाल संस्कृति का सर्वाधिक लोकप्रिय समाजिक उत्सव है। वैसे … Read more

फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना एक निर्णायक कदम

फास्ट ट्रेक

पिछले पाँच वर्षों के शासनकाल ने झारखंडी समाज के स्त्रियों और गरीब बेटियों की स्थिति को उघाड़ कर पेश किया है। फ़ासीवादी नेताओं व पुलिस-प्रशासन की सरपरस्ती के नीचे पलने वाले अपराधी बेखौफ़ होकर इन्हें निशाना बनाते रहे हैं। सरकार न्याय देगी यह उम्मीद ही बेमानी हो चुकी थी। राज्य के तमाम वर्गों की जनता … Read more

हेमंत जी के सरकार में आते ही ट्विटर पर भी समाधान दिख रहा

हेमंत जी

“हेमंत जी के सरकार में आते ही ट्विटर पर भी समाधान दिख रहा है। पहले की सरकार ने तो सारे ऑनलाइन तंत्र को अपने प्रचार में लगा रखा था।” यह वाक्य IPRD Jharkhand के ट्विट के जवाब व रिट्विट में जनता के द्वारा हेमंत सरकार के कार्यों के लिए लिखे गए गौर्न्वित करने वाले शब्द … Read more

सीएए को लेकर महेंद्रनाथ पाण्डेय का बयान हेमंत सोरेन के लिए सुझाव है या धमकी 

सीएए

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ़ शब्दों में कहा है कि उन्होंने एनआरसी और सीएए के दस्तावेज़ों का अध्ययन नहीं किया है। जनता इस कानून को लेकर सड़कों पर आंदोलनरत हैं। इसे लागू करने को लेकर पहले तो राज्य स्तर पर समीक्षा होगी, यदि इस कानून से एक भी झारखंडी को उसके घर से … Read more