सोहराय बंधनमुक्त व स्वाधीनता के परिचायक
पशु- प्रकृति समेत तमाम जीवों को बंधनमुक्त कर स्वाधीन रूप में विचरण करने की परंपरा अर्थात प्रेम और परोपकार का पर्याय है सोहराय पर्व। सोहराय शब्द की उत्पत्ति सोहारओ या सोहार से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ आदर सम्मान के साथ संवर्धन कराना है। यह पर्व संथाल संस्कृति का सर्वाधिक लोकप्रिय समाजिक उत्सव है। वैसे … Read more