कर्माओं व धर्माओ जंगलों से निकाल फैंकने की स्थिति में क्या प्रकृति बचेगी?

कर्माओं व धर्माओं

कर्माओं व धर्माओ को झारखण्ड के जंगलों से निकाल फैंकने पर क्या प्रकृति बचेगी? भादों मास के एकादशी में झारखण्ड, छत्तीसगढ़, समेत  देश-विदेश में पूरे मनाये जाने वाला लोक कर्मा का सीधा संबंध प्राकृतिक व मानव के बीच अदृश्य डोर से है। प्रागेतिहासिक काल से हमारे समाज के कृषक व तमाम प्राकृतिक के गोद में … Read more

झारखंड की प्रकृति और संस्कृति को ताक पर रखती सरकार

झारखंड की प्रकृति और संस्कृति को ताक पर रखती सरकार

झारखंड की प्रकृति और संस्कृति की उपेक्षा झारखंड प्रकृति की गोद में बसा वह प्रदेश है, मानो प्रकृति ने इसे अपने सान्निध्य से संवारा हो। इस जनजाति बाहुल्य राज्‍य के प्रत्येक क्षेत्र में  प्रकृति और संस्‍कृति का जबरदस्त समागम है। संस्कृति और रहन-सहन में विविधता रहने के बावजूद भी यहाँ के आदिवासियों में आपसी सौहार्द … Read more