असम की एनआरसी सूची मे तकरीबन 13 लाख हिन्दू है!
क्या असम में हुए प्रयोग से भी हम कुछ नहीं सीखे ? आज़ाद-भगतसिंह, अशफ़ाक-बिस्मिल के देश ने आज़ादी के बाद बेरोज़गारी, देशी-विदेशी धन्नासेठों की लूट, आसमान छूती महँगाई व रोज़गार जाते पहली बार देखी हैं। आर्थिक मंदी की आड़ में एक तरफ सार्वजनिक उद्यमों को औने-पौने दामों में बेचा जा रहा है तो दूसरी तरफ … Read more