रेमोन मैगसेसे अवार्ड रवीश कुमार को देने की घोषणा क्यों?

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रेमोन मैगसेसे

मशहूर पत्रकार रवीश कुमार को रेमोन मैगसेसे अवार्ड देने की घोषणा हुई है, लेकिन इस विषय पर उनका अभी तक कोई बयान आधिकारिक नहीं आया है। हाँ उनके तमाम प्रगतिशील दोस्तों ने मुबारकबाद देनी शुरू कर दी है। सवाल है कि क्या खुद को पत्रकार कहने वाले लोग रमन मैगसेसे पुरस्कार की पृष्ठभूमि से वाक़िफ़ नहीं है। रेमोन मैगसेसे के इतिहास से कम ही लोग वाक़िफ़ होंगे। आइये रेमोन मैगसेसे के इतिहास पर एक निगाह डालें।

फिलीपींस अमेरिकी प्रभुत्व के अधीन के वक्त 31 अगस्त 1907 को रेमोन मैगसेसे फिलीपींस के जेमबालेस प्रान्‍त में पैदा हुए। उस वक़्त तक अमेरिका के ख़िलाफ़ हुए कई बड़े विद्रोह को दबाया जा चुका था। मैगसेसे सौभाग्य से उनके निशाने पर नहीं आये। 1941 में वह अमेरिकी सेना में भर्ती हुए और 1945 में जेमबालेस प्रान्‍त का सैनिक गवर्नर नियुक्त हुए। 1946 में फिलीपींस को आज़ादी मिलते ही मैगसेसे चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए और लिबरल पार्टी में शामिल हुए।

1949 में लम्बे असन्तोष व शोषण का शिकार किसानों को अभिव्यक्ति देने के लिए हुक नामक एक किसान गुरिल्ला ग्रुप ने विद्रोह की शुरुआत की। मैगसेसे ने अमेरिकी सेना सलाहकार एडवर्ड लेंड्सडेल की सहायता से हुकों के विद्रोह दो वर्षों में ही कुचल दिया। मैगसेसे ने 1951 में खुलकर कहा था कि इस सप्ताह को हम संहार का सप्ताह बनाएँगे। टाइम पत्रिका के अनुसार मैगसेसे ने करीब 1500 विद्रोहियों मार डाला, 487 पकड़े गये और करीब 3000 समर्पण करने को मजबूर हुए।

नवंबर 1953 में अपनी ऐसी ही सेवाओं के बदले मैगसेसे राष्ट्रपति बने और मार्च 1957 में एक विमान दुर्घटना में मारे जाने तक वे इस पद पर बने रहे। मैगसेसे के नाम पर पुरस्कार की स्थापना पूँजीवादी विश्व द्वारा अपने एक चौकस पहरेदार को दी जाने वाली मान्यता है। मैगसेसे पुरस्कार की वेबसाइट पर लिखा है कि “दुनिया समृद्ध और बेहतर हैं क्योंकि रेमोन मैगसेसे पैदा हुए थे।” ज़ाहिर है कि कोई भी राजनीतिक चेतना-सम्पन्न व्यक्ति समझ सकता है कि इस शख्सियतों को मैगसेसे पुरस्कार क्यों मिला है।

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