Welcome to Jharkhand Khabar   Click to listen highlighted text! Welcome to Jharkhand Khabar
  TRENDING
संकट के बीच प्रधानमंत्री का एयर इंडिया वन के रूप में फिजूलखर्ची चौंकाने वाला
भारत पर्यटन विकास निगम और झारखंड सरकार के बीच एमओयू हस्ताक्षर
भाजपा के पाप को धोने फिर उतरी हेमंत सरकार, झारखंडी छात्रों के हित में उठाया बड़ा कदम
साधारण किस्म के धान पर MSP + बोनस देने के मामले में भाजपा शासित बिहार से आगे हेमंत सरकार
भाजपा आखिर क्यों छठ जैसे महान पर्व के नाम पर गन्दी राजनीति करने को है विवश
स्वास्थ्य से लेकर कानून व्यवस्था तक के क्षेत्र में बेहतर काम कर रही है हेमंत सरकार
जनआकांक्षाओं को देख हेमंत सरकार ने बदला अपना फैसला, बीजेपी ने धर्म की राजनीति कर फिर पेश किया अपना चारित्रिक प्रमाण
देश के संघीय ढ़ांच को चोट पहुँचते हुए भाजपा ने कोरोना आपदा को अवसर में बदला!
हशिये पर पहुँच चुके बाबूलाल को पता नहीं,“प्रतिभावान खिलाड़ी पीछे न छूटे, इसलिए हेमंत सरकार द्वारा दिया था एक माह का अतिरिक्त समय”
Next
Prev

झारखंड स्थापना दिवस की शुभकामनाएं

सुदेश जी

सुदेश महतो मजबूरी में झारखंड भी बेच सकते हैं?

सुदेश जी शहीद निर्मल महतो अपमान पर क्यों चुप हैं  ( —पी.सी. महतो (चक्रधरपुर) की कलम से )

शहीद निर्मल महतो के नाम पर अपनी राजनीति चमकाने वाले महाशय सुदेशमहतो आज उन्हीं के के अपमान पर खामोश है। खामोशी का कारण सत्ता के लोभ की मजबूरी है। क्या एक इंसान इतना मजबूर हो सकता है! इसकी हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। शहीद निर्मल महतो के हत्यारे धीरेंद्र सिंह की रिहाई का निर्णय झारखंड की मौजूदा रघुवर सरकार के द्वारा लिया गया है। आजसू राजनीतिक दल के विधायक चंद्रप्रकाश चौधरी  इसी सरकार के मंत्री हैं।

सत्ता सुख, पार्टी फंड और बॉडीगार्ड के लिए राजनीतिक करने वाले सुदेशजी  ने आज अपना असली चेहरा झारखण्ड के जनता के बीच प्रस्तुत किया है। निश्चित रूप से आज शहीद निर्मल महतो जी की आत्मा सुदेश महतो के करतूतों से रो रही है। जिस महान महापुरुष के बलिदान से झारखंड आंदोलन को गति मिली, आज उसी के हत्यारों को सुदेश महतो के इशारे पर राज्य की आदिवासी-मूलनिवासी विरोधी सरकार ने बरी करने का निर्णय लिया है।

स्वाभिमान यात्रा पर निकले सुदेश महतो सभा पर सभा कर रहे हैं परन्तु निर्मल महतो के हत्यारों को छोड़े जाने के संबंध में उनके मुँह से एक भी बोल  नहीं फूट रहे हैं। यह किस प्रकार का स्वाभिमान जताने निकले हैं, झारखंड की जनता जानना चाहती है। क्या निर्मल महतो के हत्यारों को उम्र कैद जैसी सजा से रिहाई दिलाना झारखंडियों के स्वाभिमान पर हमला नहीं है ? धिक्कार है ऐसे नेताओं पर, पैसों के खातिर जो अपने माई-माटी-मानुष तक को भी बेच सकते हैं। ऐसे नेताओं का कोई स्वाभिमान नहीं हो सकता है। ऐसे लोगों या नेताओं को 2019 में जमींदोज करने की आवश्यकता है।

झारखंड की समझ चुकी है कि सुदेश महतो केवल वोट के गणित के लिए चुनाव के वक्त शहीद निर्मल महतो जी का नाम का राजनैतिक इस्तेमाल करते हैं, बाकी समय में निर्मल महतो इनके लिए केवल एक मृत या कूड़ेदान में फेंके जानी वाली वस्तु है। अलग-अलग विचारधाराओं का गठबंधन कभी नहीं हो सकती है। लेकिन सत्ता लोभ के मजबूरी में सुदेश जी इतना नीचे गिर सकता है इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। आज हमें मालूम हुआ कि अपने स्वार्थ के लिए लोग राज्य को भी बेचने को तैयार हैं। 15 दिनों के अंदर अगर सुदेश महतो सरकार से समर्थन वापस नहीं लेते हैं तो यह समझ लेना चाहिए कि सुदेश महतो मजबूरी की पराकाष्ठा पार कर चुके हैं। अब उनसे कुछ उम्मीद नहीं की जा सकती है। झारखंड को गिरवी रखने में सुदेश महतो का नाम शीर्ष पर  गिना जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts

Click to listen highlighted text!