भूख से मौत प्रकरण में भाजपा पर उठते गंभीर प्रश्न  

भूख से मौत प्रकरण में भाजपा पर उठते गंभीर प्रश्न  

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

 

झारखंड के सिमडेगा जिले में भूख के चलते 11 साल की बच्ची संतोषी की मौत ने राज्य सरकार का सिंहासन हिलाकर रख दिया है। उसके परिवार ने चार दिनों से अन्न का एक दाना नहीं खाया था, क्योंकि आधार कार्ड न होने की वजह से उस परिवार को राशन नहीं मिल रहा था। इस घटना के बाद राज्य के खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए वही बात कही, जिसकी चर्चा पिछले कई महीने से नौकरशाही में जोरशोर से हो रही थी। उन्होंने सीएम की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा था कि मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वैसे लोगों का राशन कार्ड को रद्द करने का निर्देश दिया था, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है इसलिए मुख्य सचिव का निर्देश सुप्रीम कोर्ट की आदेश की अवमानना करता है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में ये कहा था कि आधार कार्ड नहीं होने से सरकार किसी को राशन के लाभ से वंचित नहीं कर सकती। प्रश्न यह उठता है कि उक्त विभाग के मंत्री होने के नाते सरयू जी क्या कर रहे थे? क्या इनके विभाग का निर्णय भी मुख्यमंत्री कार्यालय से होता है? क्या सिर्फ सरकार के खिलाफ बोलने भर से इनकी खुद की जवाबदेही ख़त्म हो जाती है?

सवाल यह भी है कि दिल्ली में चूँकि भाजपा की सरकार नहीं है तो वहां की घटना की त्वरित जाँच का निर्देश केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा दिया गया। परन्तु झारखण्ड में आठ दिनों से भूखी बच्ची संतोषी तड़प-तड़प का प्राण त्यागने को मजबूर हो गयी। लेकिन कभी भी यह सुनने-पढने को नहीं मिला कि केंद्र ने इस घटना में आगे बढ़कर जाँच करवाने का कोई प्रयास किया या रघुवर सरकार से कोई जवाब तलब ही किया हो? उल्टा, अमित शाह  झारखण्ड आने के उपरान्त उनकी पीठ थपथपा कर चले गए। सवाल यहीं ख़त्म नहीं होते हैं, सुप्रीम कोर्ट के दिए आंकड़े में केवल झारखण्ड में ही अबतक भूख से कुल 14 गरीब लोगों की मौत हुई है जिनमे संरक्षित जनजाति भी शामिल है। मृतक की पत्नी के द्वारा बार-बार पुष्टि किए जाने के बावजूद कि उनके घर में तीन दिनों से कोई चूल्हा तक नहीं जला, सरकारी अधिकारियों ने जाँच तो दूर पोस्टमार्टम भी करवाना जरूरी नहीं समझा। और बिना जाँच के ही इस भूख से हुई मौत को बीमारी से हुई मौत बता कर पल्ला झाड़ लिया। देश और झारखण्ड राज्य की पृष्ठभूमि पर इस चुभते हुए प्रश्न का जवाब क्या सूबे के मुख्यंत्री रघुवर दस जी देंगे?

सुप्रीम कोर्ट में आधार का जन वितरण प्रणाली (PDS) से लिंक नहीं होने के कारण राशन का अनाज नहीं मिलने की वजह से होने वाली मौतों के मामले में दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई में केंद्र सरकार से कोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए कहा है। इस जनहित याचिका में कहा गया है कि जन वितरण प्रणाली के तहत झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों में राशन मुहैया नहीं करने की वजह से अब तक 30 मौतें हो चुकी हैं। वॉशिंगटन स्थित इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएफपीआरआई) की ओर से वैश्विक भूख सूचकांक पर जारी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भूख से होने वाली मौतों के मामले में भारत की हालत में सुधार देखने को नहीं मिल रहा। 119 विकासशील देशों की सूची में भारत का 100वा स्थान है।

गौरतलब है कि 11 साल की संतोषी की भूख के कारण हुई मौत के मामले को मीडिया में तूल पकड़ता देख अधिकारियो ने लीपापोती करने की कोशिश की थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सारा सच सामने आ गया था। इस याचिका को भूख के कारण मरने वाली झारखंडी लड़की संतोषी की मां ने एक सामाजिक कार्यकर्ता के साथ मिलकर दाखिल किया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिककर्ता से कहा कि आधार के मामले में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच का फैसला आने के बाद इस याचिका पर विचार किया जाएगा।

बहरहाल, देखना यह है कि सरकार क्या जवाब दाखिल करती है जबकि आंकड़े कहते हैं कि भारत में प्रतिदिन 6 हज़ार बच्चे किसी और समस्या से नहीं बल्कि भूख से मर जाते हैं। और यह सब तब हो रहा जा जब भारत के पास अतिरिक्त खाद्य भंडारण है। हरित क्रान्ति के बाद से भारत में भी अनाज का उत्पादन तेज़ी से बढ़ा, जिसकी वजह से किसानों से खरीदे हुए अनाज से खाद्य निगम के गोदाम भरे हैं। कई बार तो ये अनाज गोदाम में रखे-रखे सड़ा दिया जाता है, ताकि शराब के व्यवसायियों को बेचकर पैसा कमाया जा सके। अन्य विकासशील देशों की तरह भारत में भी भुखमरी कुपोषण का ही गम्भीरतम रूप है।

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on whatsapp

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Related Posts