सड़क पर भाजपा की ‘चोरी और सदन में सीनाजोरी’ !

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स्वामी अग्निवेश पर झारखंड में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं द्वारा 17 जुलाई को भीड़ की आड़ में आखिर हमला क्यों हुआ। जबकि स्वामी अग्निवेश का सीधा कहना है कि उनपर हुआ यह हमला भाजपा सरकार द्वारा सुनियोजित है और भाजपा के खिलाफ बोलने पर उन्हें सीधा-सीधा डराया जा रहा है। दरअसल वे लिट्टीपाड़ा में पहाड़िया समुदाय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पाकुड़ पहुंचे थे। वहां स्थित मुस्कान पैलेस में स्थानीय पत्रकारों एवं मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने वक्तव्य में बस इतना ही कहा था कि झारखण्ड सरकार को झारखण्ड के 13 जिलों में सम्पूर्ण और साथ में दो जिलों में आंशिक रूप से पेसा क़ानून लागू कर आदिवासियों की स्वशासन व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही यह भी कहे थे कि सरकार को इन जिलों में लोकसभा और विधानसभा के जगह पर सिर्फ ग्रामसभा को अधिकार संपन्न बनाना चाहिए जिससे इस प्रदेश में आदिवासी और अधिक सशक्त हो सके। उन्होंने अपने वक्तव्य में आगे कहा कि यहाँ की सरकार 1996 में देश की संसद में पारित पेसा एक्ट को लागू न कर कानून का उल्लंघन कर रही है और आदिवासियों के अधिकारों का हनन कर उद्योगतंत्र को बढ़ावा देने के लिए उनकी आवाज़ को दबा रही है। उनहोंने पत्थालगढ़ी आन्दोलन का समर्थन किया जबकि उन्होंने सीधे तौर पर पत्थालगढ़ी के नाम पर सामूहिक दुष्कर्म का कड़ी निंदा की और नक्सली हिंसा को गलत कहा।

अब ये बातें तो सीधे रघुवर सरकार को कठघरे में खड़ा कर रही थी, आखिर झारखण्ड के दबंग सरकार उनके तीखे वचनों को कैसे बर्दाश्त कर सकती थी भला। बाद में आगे क्या हुआ आप सभी जानते ही है। किस प्रकार से भाजपा के अनुषांगिक संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा के गुंडों ने भीड़ की आड़ में एक वृद्ध को कानून व्यवस्था को धत्ता बताते हुए झारखण्ड के सड़क पर खुले आम नंगई करते हुए उन्हें पीटा। वे पुलिस-प्रशासन को फोन करते रह गए पर किसी ने समय पर उनकी मदद नहीं की। दिलचस्प बात यह है कि अबतक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है। इस प्रकरण में भाजपा के झारखंड के शहरी विकास मंत्री सीपी सिंह ने बेतुका बयान देते हुए अपने दल का बचाव किया कि ‘स्वामी अग्निवेश एक धोखेबाज हैं और उन्होंने ही खुद पर हमले की साजिश रची’। आगे सिंह ने कहा कि वे उन्हें पिछले 40 वर्षो से जानते हैं।

अग्निवेश को ‘धोखेबाज और दलाल’ कहे जाने पर प्रदेश की तमाम विपक्ष गुस्से में दिखे। विपक्ष के नेता हेमंत सोरेन ने कहा, ‘यह घटना राज्य सरकार के निर्देश पर हुई। राज्य सरकार के पास भाजयुमो कार्यकर्ताओं द्वारा हमले की सूचना पहले से ही थी’। आगे उनहोंने कहा कि भाजपा ने इस देश को लोकतंत्र से भीड़तन्त्र में बदल दिया है। भाजपा के कार्यकर्त्ता लगातार तांडव कर उन्माद फैला रही है। चंद लोग देश पर हावी होने का प्रयास कर रहे हैं और उनकी विचारधारा ना मानने वालों का पिटाई करवा रहे हैं। अब ये लोग कुछ भी कर सकते हैं सत्ता के लालच में हत्या तक करवा सकते हैं। देश-प्रदेश में आराजकता का माहौल चरम सीमा तक बना हुआ है। स्वामी अग्निवेश के साथ हुई मारपीट की घटना शर्मनाक है और इससे झारखण्ड को देश के समक्ष शर्मसार होना पड़ा है। एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर मैं पूरे झारखण्ड के तरफ से शर्मिंदा हूँ और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाई की जरूरत है। वहीँ उन्होंने आगे कहा कि यहाँ के मुख्यमंत्री बहुमत और अहंकार के मद में चूर हो सदन नहीं चलने दे रहे। वे कहते हैं कि जनता ने उन्हें बहुमत दी है जो चाहे वे करेंगे, जब विपक्ष को बहुमत मिलेगा तब भूमि अधिग्रहण संशोधन अधिनियम को वे ख़त्म कर दें साथ ही वह कहते हैं कि सदन सीएम की जागीर नहीं हो सकती।

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