झारखण्ड : हक-इन्फ्रास्ट्रक्चर के बचाव में चंडी बनती महिलाएं

चंडी बनती महिलाएं

झारखण्ड : विपक्षी साजिश से अपने हक-अधिकार और अथक प्रयास से खड़े हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के बचाव में आधी आबादी ने ले ली चंडी रूप अब जुझारू झारखंडी पुरुषों की बारी… रांची : झारखण्ड के विकास का अर्थ महिला समेत समाज के सभी वर्गों के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रुढ़िवादी ढाँचे में संतुलित लोकतांत्रिक … Read more

झारखण्ड आगामी चुनाव अमीर-गरीब मानसिकता के बीच -सीएम हेमन्त 

चुनाव अमीर-गरीब के बीच

अमीर झारखण्ड में गरीबी ही है मुख्य मुद्दा, इसलिए यहाँ की राजनीति भी अमीर-गरीब, दो धडों में विभक्त. ऐतिहासिक, आर्थिक, सामाजिक और राजनितिक विश्लेषण करती है स्पष्ट पुष्टि. सीएम हेमन्त ने नब्ज को पकड़ा.  रांची : प्राकृत संसाधन से अमीर झारखण्ड प्रदेश देश का एक आदिवासी, दलित, पिछड़ों और गरीबों का प्रदेश है. और इस … Read more

मईया सम्मान यात्रा: नारी राजनितिक सशक्तिकरण में ऐतिहासिक पहल

मईया सम्मान यात्रा

झारखण्ड : मईया सम्मान यात्रा – नारी राजनितिक सशक्तिकरण में हेमन्त सरकार का एक और ऐतिहासिक ठोस पहल. जिसके अक्स आधी आबादी स्वयं कर रही अपनी स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन. रांची : सुकिती देव, शाक्य मुनि बुद्ध का महत्वपूर्ण शिक्षा- ‘अपना दीपक स्वयं बनो’ जिसका सीधा सम्बन्ध ज्ञान से है. जहाँ जन जीवन समस्याओं से … Read more

झारखण्ड को आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार की जरुरत क्यों?

आपकी योजना आपके द्वार

झारखण्ड : सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक समानता और बाहरी समर्थित सरकारी मंशा के अक्स तले गरीब आदिवासी-मूलवासी के साथ हुए अमानवीय पक्षपात के प्रभाव को थामने हेतु राज्य को हेमन्त सरकार की आपकी योजना आपके द्वार जैसी कार्यक्रम किसी वरदान से कमतर नहीं … रांची : झारखण्ड देश का एक खनिज-संपदा से परिपूर्ण राज्य है, लेकिन … Read more

एक देश एक चुनाव लोकतांत्रिक मूल भावना पर हमला -सीएम हेमन्त 

एक देश एक चुनाव

सीएम हेमन्त सोरेन का कहना – एक देश एक चुनाव लोकतंत्र की मूल भावना पर कुठाराघात. देश के संघीय ढांचे को कमजोर कर राज्यों की स्वायत्तता को समाप्त करने का संगठित षड्यंत्र , लोकसंगत. रांची : जिसने समस्यायें झेली हो वही दर्द समझा सकता है. जिस देश में एक आदिवासी सीएम फर्जी आरोप में जेल … Read more

सीएम हेमन्त का ‘सर्वजन पेंशन’ योजना सामाजिक जरुरत क्यों?

सर्वजन पेंशन सामाजिक जरुरत

भारतीय धार्मिक सामाजिक ताने-बाने में आधी आबादी महज ‘चाकर’ भर है, ‘विवाह’ ही अंतिम मंजिल है. वृद्धों को वन में स्थान दिया गया है. ऐसे में उनकी सामाजिक सुरक्षा का आंकलन किया जा सकता है. रांची : धार्मिक सामाजिक ताने-बाने के अक्स में भारत की आधी आबादी की तुलनात्मक कद पारंपरिक रूप से पुरुषों से … Read more