पहली बारिश में ही राज्य की सड़को ने खोल दी सरकार के दावों की पोल
इनके इन्हीं रवैये से तंग आकर इनलोगों ने सड़क के गड्ढे में जमे हुए पानी में धान रोपनी कर दिया ताकि सरकार की नींद खुल सके। झारखंड के अन्य हिस्सों में ऐसी घटना लगातार देखने को मिल रही है।
इनके इन्हीं रवैये से तंग आकर इनलोगों ने सड़क के गड्ढे में जमे हुए पानी में धान रोपनी कर दिया ताकि सरकार की नींद खुल सके। झारखंड के अन्य हिस्सों में ऐसी घटना लगातार देखने को मिल रही है।
…इस लेख को शुरू करने से पहले याद दिला दूं कि पिछले लेख में पुलिस विभाग की रिक्त पदों के साथ-साथ सरकार के स्किल झारखण्ड के लिखा गया था। आज की शुरुआत शिक्षा के क्षेत्र की रिक्त पदों से की जायेगी। झारखण्ड के शिक्षक एवं दुखी पारा शिक्षक की स्थिति स्कूल शिक्षा और साक्षरता मिशन … Read more
जन्म : 26 दिसम्बर, 1899 (सुनाम, जिला संगरूर, पंजाब, भारत) शहादत : 31 जुलाई, 1940 (पेण्टोविले जेल, लन्दन, ब्रिटेन में फाँसी) हमारी ख्वाहिशों का नाम इन्क़लाब है ! हमारी ख्वाहिशों का सर्वनाम इन्क़लाब है ! हमारी कोशिशों का एक नाम इन्क़लाब है ! हमारा आज एकमात्र काम इन्क़लाब है ! दोस्तो, साथियो! 31 … Read more
झारखण्ड प्रदेश में जब से भाजपा की रघुवर सरकार आयी हैं तब से आबादी के अनुपात में रोज़गार के अवसर बढ़ने के बजाय लगातार कम होते जा रहे हैं। नियमित पदों पर ठेके से काम कराये जा रहे हैं और ख़ाली होने वाले पदों को भरा भी नहीं जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र के … Read more
धनबाद के जेएनएन में रविदास समाज संघर्ष समिति ने शुक्रवार को भाजपा के सीटों से जीते अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के विधायकों एवं सांसदों का पुतला दहन किया। इस कार्यक्रम के दौरान समिति ने सांसदों पर आरोप लगाया कि ये सभी एससी-एसटी के घोर विरोधी हैं।
दिल्ली में भूख से मृत्यु के काल में गयीं 3 बच्चियों के पेट में अन्न का एक भी दाना नहीं था। देश को शर्मसार करने वाली यह घटना तब और भयावह लगी, जब भाजपा शासित झारखण्ड प्रदेश से भी 24 जुलाई को बिरहोर जनजाति जैसी संरक्षित जाति से एक बिरहोर की भी भूख से हुई मृत्यु सुर्ख़ियों में बनी रही।