झारखण्ड : 9 लाख परिवारों को 3 महीने में मिलेगा अबुआ आवास

9 लाख परिवारों को 3 महीने में मिलेगा अबुआ आवास

गिरिडीह : अबुआ आवास स्वीकृत पत्र वितरण समारोह में सीएम चम्पाई सोरेन ने एलान किया अगले 3 महीने में राज्य के 9 लाख परिवारों को मिलेगा अबुआ आवास योजना का लाभ. गिरिडीह : झारखण्ड में दिशोम गुरु शिबू सोरेन का एक आन्दोलनकारी के रूप में तमाम सुदूर क्षेत्र तक पैंठ रखती पहचान है. ऐसे में … Read more

झारखण्ड : ऑपरेशन हेमन्त बनी बीजेपी की गले की हड्डी 

ऑपरेशन हेमन्त बनी बीजेपी की गले की हड्डी 

रांची : अगर वे मुझे निगलना चाहते हैं तो सावधान रहें, अगर निगलने के क्रम हड्डी फंस गई तो फिर शरीर को चीर देगा. चम्पाई सरकार के बहुमत साबित के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का दिया यह बयान प्रासंगिक साबित हो रहा है.  भाजपा की केंद्र सरकार के लिए ऑपरेशन हेमन्त गले की हड्डी … Read more

बंधु तिर्की के ST ज़मीन के सवालों पर बाबुलाल की चुप्पी क्यों

बंधु तिर्की के ST ज़मीन के सवालों पर बाबुलाल की चुप्पी क्यों

झारखण्ड : क्या हेमन्त सोरेन ईडी द्वारा गिरफ्तारी करवा क्या भूमाफियाओं और भाजपा नेताओं के आदिवासी जमीन लूट के मध्य खड़े रुकावट को हटाने का भी प्रयास है. बंधू तिर्की के बयान और बाबूलाल की चुप्पी से तो यही स्पष्ट हो चला है.  रांची : झारखण्ड में पूर्व की हेमन्त सरकार में सामन्ती मकड़जाल कट … Read more

षड्यंत्र के बीच भी झारखंड में स्थिर सरकार, हेमन्त की कुशलता 

झारखंड में स्थिर सरकार, हेमन्त की कुशलता 

झारखण्ड : पूर्व सीएम हेमन्त सोरेन की खीरा चोरी! के आरोप में तानाशाही गिरफ़्तारी के बावजूद गठबंधन सरकार का सुचारू ढंग से चलना एक अडिग आदिवासी विचारधारा की कुशलता. रांची : पूर्व की हेमन्त सोरेन की सरकार सिलसिलेवार ढंग से झारखण्ड की समस्याओं को सुलझाने की दिशा बढ़ चली थी. सभी वर्गों की सामाजिक सुरक्षा … Read more

हेमंत के आसरे झारखंड ने फ़ासी के आगे हार न मानने की छवि गढ़ा

हेमंत के आसरे झारखंड ने फ़ासी के आगे हार न मानने की छवि गढ़ा

झारखण्ड को पूरा एक दिन बिना जनता द्वारा चुनी सरकार ने चलाया और साक्षी राजभवन बना. लेकिन हेमन्त सोरेन के आसरे राज्य फ़ासी समझ के आगे न झुकने – न हार मानने की छवि गढ़ने में कामयाब रहा. रांची : धरती आबा बिरसा व अन्य महापुरुषों के बाद दिशोम गुरु शिबू सोरेन ही थे जिन्होंने … Read more

सिया के राम लोकतांत्रिक समझ का आरंभ तो सामंत का राम अंत 

सिया के राम लोकतांत्रिक समझ का आरंभ

सिया के राम शिष्टाचार हैं, सामाजिक, आर्थिक, राजनितिक व्यथा पर होने वाली लोकतान्त्रिक चचर्चाओं का आरंभिक जुबान हैं, जबकि एकल, तानाशाह और अशांत सामंती राम सिया के राम का संहारक. रांची : भारतीय समाज में अनेक राम हैं, बोधिसत्व राम, निगंठ राम, कबीर के राम, बाल्मीक राम,  तुलसी राम, सियाराम. लेकिन जनमानस में रचने-बसने वाले … Read more