दुमका उपचुनाव सर्वे -भाजपा के कद्दावर नेताओं के दौरे के बावजूद जेएमएम आगे

हेमंत सोरेन

राँची। झारखंड के संथाल परगना के दुमका उपचुनाव सीट का नतीजा ऐतिहासिक रहेगा। ज्ञात हो कि एनडीए प्रत्याशी लुइस मरांडी के जीत के लिए रणभूमि में बीजेपी ने कई कद्दावर नेताओं को उतार रखा है। जो अपने भाजपा शासन के करतूतों को छिपाने के लिए भ्रम की राजनीति करने से भी नहीं चूक रहे। पूरे … Read more

उजियारे की खोज में संथाल की सड़कों की खाक छानते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास

झारखंड

मौजूदा दौर में शायद भाजपा के लिए झारखंड में अंधेरा वाकई घना है। और इसी अँधेरे में मुद्दा विहीन सियासत तले भाजपा उजियारे की खोज में संथाल की सड़कों की खाँख छानते पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, बौखलाए हुए पत्रकारों से जहाँ-तहां टकरा जाते हैं। साहेब के फैंकने का दौर अब भी थमता नहीं दीखता है। … Read more

बीजेपी के रघुवर सरकार की गलती से डीवीसी पर बढ़ता गया कर्ज हुआ 5608.32 करोड़, झारखंड को केंद्र से मिलना है करीब 42,500 करोड़।

रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री, झारखंड

केंद्र पर कोल इंडिया पर जमीन के मुआवजे का 40,000 और जीएसटी का 2500 करोड़ बाकी, इसे न देकर केंद्र कर रहा तानाशाही डीवीसी से खरीदी बिजली के एवज में बकाया राशि को अगले 15 दिनों में भुगतान करने का झारखंड सरकार को नोटिस रांची। केंद्र की सत्ता में बैठी बीजेपी सरकार अपने जिस कार्यशैली … Read more

रघुवर भूल गए कि झारखंड को मिले भूख से मौत, बेरोज़गारी व मॉब लिंचिग की पहचान उनकी देन।

रघुवर

बीजेपी के रघुवर भूल गए कि झारखंड को मिले भूख से मौत, बेरोज़गारी व मॉब लिंचिग की पहचान उनकी ही देन है धर्मांतरण बढ़ावा का झूठा प्रोपगेंडा रचने वाले पूर्व मुख्यमंत्री ने देश के मान चित्र पर झारखंड की छवि बिगाड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। शहीद जवानों के नाम पर राजनीति करने की … Read more

पत्थलगड़ी आंदोलनकारियों के बाद अब जेलों में बंद पारा शिक्षकों को मिलेगा राहत

हेमंत सरकार

हेमंत का न्याय, पत्थलगड़ी आंदोलनकारियों के बाद अब जेलों में बंद पारा शिक्षकों को राहत राँची : रघुवर जुल्म का एक अध्याय अब भी पारा शिक्षक के रूप जेलों में बंद है। झारखंड की हेमंत सरकार द्वारा जेलों में बंद उन शिक्षकों की सुध लेना फिर एक बार सिद्ध कर सकता है कि हेमंत की … Read more

मुर्गों यह जान लो फैसला तो हो चुका है

मुर्गों

अलग झारखंड काल से दस साल पहले देश ने निजीकरण, उदारीकरण और वैश्वीकरण को स्वीकार किया। चलिए, निजीकरण को एक छोटी सी कहानी के जरिए समझते हैं। कुछ साल पहले की बात है। मुर्गों की एक बड़ी मीटिंग बुलाई गयी। देश भर से मुर्गे-मुर्गियां, उसके चुजे, बड़े मुर्गे  इस मीटिंग में शामिल हुए। मीटिंग में … Read more