संविधान दिवस पर कोई कहे कि देश संवैधानिक लकीरों पर अडिग है

संविधान दिवस

संविधान दिवस पर ही महाराष्ट्र में फडन्वीस को इस्तीफ़ा देना पड़ा क्या आज संविधान दिवस पर कोई यह कहने की स्थिति में है कि सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश भारत अपने संवैधानिक लकीरों पर अडिग है? यकीनन नहीं। संविधान होना और संविधान की लकीरों के तहत नुमाइन्दों को चुनने से लेकर देश को बुनने तक के … Read more

चुनावी लोकतंत्र को संविधान के समक्ष युवा पूंछ कि बजाय सूंड से पकड़ पटखनी देंगे

चुनावी लोकतंत्र

भाजपा के चनावी लोकतंत्र को युवा इसबार संविधान याद दिलाएंगे  नये साल के महज तीसरे महीने में दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लिए सात चरण में होने वाले आम चुनाव के दिन मुकर्रर किये गए, उम्मीद भी यही थी। ऐसे में जाहिर है कि सबसे बड़े लोकतंत्र के तमगे वाले देश के लिए जहाँ … Read more

संविधान जब सत्ता ही हो जाये तो फिर गणतंत्र दिवस किसके लिए !

संविधान

सत्ता ही संविधान हो गया है  26 जनवरी की पूर्व संध्या पर तीन “भारत रत्न” मिलने की खबर समेत देश ने 70वें गणतंत्र दिवस को भी मना लिया। राजपथ से लेकर जनपथ और राज्यों में राज्यपालों के तिरंगा फहराने की चकाचौंध के तले यह गणतंत्र दिवस भी सत्ता के उन्हीं सरमायदारो के इर्दगिर्द सिमट गया, … Read more

हम भारत के लोग …?

Samvidhan

अशोभनीय टिप्पणी को लेकर समाज में हफ्तों चर्चाएं हो सकती हैं तो एक लोकतांत्रिक देश में 72 वें स्वतंत्र दिवस के महज चंद दिनों पहले संविधान की प्रतियां जला दी गई और उसपर सरकारों का या प्रधान मंत्री के लालकिले के प्राचीर से दिए गए भाषण में कोई पक्ष तो छोड़िये जिक्र तक ना होना, इसे कैसे देखा जाए या क्या इशारा करती है?

पत्थलगढ़ी आन्दोलन भाजपा की करतूत की उपज

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  रमण पत्थलगढ़ी आन्दोलन का शुरुआती दौर 2017 माना जाता है और इसके जद में अबतक झारखण्ड और छत्तीसगढ़ के लगभग 300 गाँव आ चुके हैं। इस आन्दोलन का तहत संविधान के पन्नों में निहित 19 (5) का उपयोग कर कानून बनाने की मांग जिससे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में बिना ग्रामसभा के अनुमति के न … Read more