डी.वी.सी : झारखण्ड के संस्थान से ही झारखण्ड को परेशान करने की भाजपाई साज़िश

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डी.वी.सी

डी.वी.सी : झारखण्ड के संस्थान से ही झारखण्ड को परेशान करने की भाजपाई साज़िश   

विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का तमगा लिए भाजपा ओछी राजनीति भी करेगी यह सोच से परे थी। केंद्र सरकार की विद्युत आपूर्ति संस्थान डी.वी.सी (दामोदर वैली कॉरपोरेशन), देशभर के राज्यों में बिजली सप्लाई करती है, भाजपा अब इसके आसरे झारखण्ड में अपनी राजनीति साधती दिखती है। एक तरफ उतर प्रदेश राज्य पर  डी.वी.सी प्रबंधन का 13,862 करोड़ रूपए का बकाया है, जबकि झारखण्ड जैसे राज्य पर महज 4,955 करोड़ रुपये का बकाया है। लेकिन यह संस्था यूपी के बजाय झारखण्ड की बिजली काटने को आतुर दिखी। 

यही नहीं नवनिर्वाचित हेमन्त सरकार अपने अल्प कार्यकाल में 209 करोड़, बिजली बिल का भुगतान भी कर चुकी है। दिलचस्प यह है कि बकाया राशि भाजपा सरकार के ही दौर के हैं फिर भी केंद्र के इशारे पर साज़िश के तहत डीवीसी ने झारखण्ड की डेढ़ करोड़ जनता को परेशान किया। और झारखण्ड भाजपा के किसी भी सांसद व मंत्री का बयान डी.वी.सी के विरुद्ध नहीं आया। इस बीच के झामुमो के गिरिडीह विधायक ही जनता के परेशानियों को लेकर उग्र दिखे।  

नवनिर्वाचित भाजपा विधायक दल के नेता तक का भी बयान नहीं आया, लेकिन भाजपा आईटी सेल ने सोशल मीडिया, माउथ पब्लिसिटी के माध्यम से यह खबर फैलायी कि झारखण्ड में जब भाजपा सरकार थी तब कभी बिजली नही कटी और सरकार के बदलते ही बिजली कटनी शुरू हो गयी। इनका मक़सद केवल हेमन्त सरकार के प्रति लोगों को भड़काने का है। केंद्र सरकार का यह झारखण्ड के प्रति सौतेला व्यवहार व साज़िश नहीं तो और क्या हो सकता है। 

केंद्र सरकार व डी.वी.सी के आगे क्यों झुके झारखण्ड रकार

झारखण्ड ने डी.वी.सी की स्थापना के लिए विस्थापन से लेकर संसाधन बँटवारे तक का दंश झेला है, बदले में डी.वी.सी ने झारखण्ड को दिया केवल लोडशेडिंग, बिजली कटौती व वसूली। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हथियार डालने के बजाय डट कर लड़ना ही बेहतर समझा है। उन्होंने मुख्य सचिव की मौजूदगी में ऊर्जा क्षेत्र की अग्रणी कंपनी टाटा पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व प्रबंध निदेशक से वार्ता की। जिसमे राज्य की बिजली व्यवस्था को सुचारु व दुरुस्त करने व गुणात्मक सुधार कैसे हो इस पर बल दिया। साथ ही सुदूर क्षेत्रों तक आधुनिकीकरण के साथ बिजली कैसे पहुंचे इस पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के इस विज़न को पूरा करने के लिए टाटा पावर ने कहा वह प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।

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