झारखण्ड को किसने सालों पीछे धकेल दिया

झारखण्ड को

झारखण्ड देश का ऐसा राज्य है, जहाँ सबसे ज्यादा ग़रीबी व कुपोषण है और ऐसा भी राज्य है जो देश का न केवल सबसे अधिक खनिज सम्पदा बल्कि नैसर्गिक सौंदर्यता का भी मालिक है। लेक़िन इस दौर में रोज़गार का सवाल भी यहाँ सबसे बड़ा हो चला है, क्योंकि न केवल बीते एक दशक के … Read more

दूसरे राज्य के आरक्षित-कोटे के जातियों को झारखण्ड में आरक्षण-लाभ नहीं

आरक्षण

दूसरे राज्य के आरक्षित-कोटे में आने वाले अनुसूचित जाति, जनजाति व अन्य जातियों को झारखण्ड में आरक्षण का लाभ अब नहीं मिलेगा   अगस्त 2009 में भारतीय उच्चतम न्यायालय के जस्टिस एसबी सिन्हा और सिरिएक जोज़ेफ़ की खंडपीठ के एक दूरगामी आदेश में कहा गया था कि  “अनुसूचित जाति, जनजाति, व् अन्य आरक्षित-कोटे में आने … Read more

नक्सलवाद से लड़ाई लड़ रहे आदिवासियों को विश्विद्यालय क्यों नहीं मिला

विश्वविद्यालय

नक्सलवाद से लड़ाई लड़ रहे आदिवासियों को विश्विद्यालय क्यों महरूम रखा गया   मनुस्मृति को दरकिनार कर कौटिल्य अर्थशास्त्र की राह अपना चुकी केन्द्रीय सत्ता देश को उस मुहाने पर ला खड़ी की है, जहाँ वह देश चलाने के नाम पर अपनी ठाठशाही खर्चे के लिए, जनता की पसीने की कमाई पर खड़ी तमाम सरकारी … Read more

गाँधी तब भी मारे गए, अब भी मारे जाने वाले हैं

गाँधी

चेहरा जब चरखा चला अपना कद बापू बराबर मापने लगे तो उसे सत्य, अहिंसा व देश के गाँठ  के पर्याय के तौर पर भी साबित करना होगा। क्योंकि चरखा तो देश को खुद के इन्फ्रास्ट्रक्चर के पहचान तले गढ़ने का परिचायक है। वैचारिक मतभेदों के बाद भी इससे इनकार नहीं कि गांधी देश हैं। एक ऐसे … Read more

भारतीय आदिवासियों का सच -एक परिचय (क)

भारतीय आदिवासियों का सच

भारतीय आदिवासियों का सफ़र अत्विका व वनवासी से अनुसूचित जनजाति तक झारखंड में जनता विशेष रूप से आदिवासियों ने राज्य की पिछली सरकार को सिरे से ख़ारिज कर दिया। उनका दलील है कि आदिवासियों के संरक्षण का ज़िम्मा तो संविधान ने सरकार को सौंपा था, लेकिन वह सरकार उन्हें संरक्षण देने के बजाय, ख़त्म करने … Read more

भाजपा जांच टीम कुछ और संकेत देती हुई

भाजपा जांच टीम

भाजपा जांच टीम के मायने गणतंत्र दिवस की पूर्व पर संध्या पर आज की राजनीति, जहाँ लोकतंत्र के पाठ तले धर्मनिरपेक्षता की बेदी पर संविधान की तिलांजलि देने की सनक साफ़ दिखती है। जो न्याय व अधिकार की नयी परिभाषा को धार्मिक लबादा ओढ़े लोकतांत्रिक मूल्यों को बलि दे, राष्ट्रवाद के बैसाखी के आसरे सत्ता … Read more