ऐसी शांतिपूर्ण एवं सफल बंदी झारखण्ड ने अपने इतिहास में पहले कभी नहीं देखी

16 जुलाई के महा धरने के लिए झामुमो एवं समस्त विपक्ष तैयार

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झारखण्ड मुक्ति मोर्चा एवं झारखण्ड राज्य के समस्त विपक्ष के किए गए सफल महाबंदी के बाद भूमि अधिग्रहण कानून में हुए संशोधन के खिलाफ इन पार्टियों ने अपने तेवर और कड़े कर लिए हैं। नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन जी ने कहा है कि इस मुद्दे पर विपक्ष एकजुट होकर मानसून सत्र में सरकार को घेरेंगे। इसके अलावा 16 जुलाई को राजभवन के समक्ष इस काला कानून के विरोध में महा धरना देगी। नेता प्रतिपक्ष सोरेन का कहना है कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारें मिल कर लगातार जनता को ठगने का काम कर रही है।  उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि पहले सरकार इस संशोधित कानून को वापस ले उसके पश्चात सदन में इस पर कोई चर्चा हो सकेगी। सूत्रों से पता चला है कि झामुमो पूरे राज्यभर से तकरीबन 50 हजार कार्यकर्तायों के साथ धरने के लिए तैयार है। यह तो निश्चित लग रहा है कि इस बार भी भाजपा को मुँह की खानी पड़ेगी। साथ ही पूरा मानसून सत्र ज़मीन अधिग्रहण संशोधन क़ानून के प्रश्नों से गूंजने वाली है।

गिरिडीह महा बंदीकी तस्वीरें

राजभवन के समक्ष होने वाले इस महाधरना की तैयारी को लेकर काग्रेस भवन में संजय पांडे की अध्यक्षता में महानगर काग्रेस कमिटी की बैठक संपन्न हुई। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में रांची जोनल को-ऑर्डिनेटर अशोक चौधरी उपस्थित रहे। श्री चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि झारखंड सरकार ने अव्यावहारिक तरीके से भूमि अधिग्रहण कानून में संशोधन किया है, जो झारखंड की गरीब आदिवासी, मूलवासी जनता को निश्चित तौर पर आर्थिक रूप से निचले पायदान पर ले जायेगी। और ये आशा भी जताए कि जनभावना के विरूद्ध किए गए इस संशोधन के खिलाफ भारी संख्या में महानगर कांग्रेस के कार्यकर्ता राजभवन के समक्ष आयोजित महा धरने में शामिल होंगे।

संजय पाडे ने अपने बयान में कहा कि 16 जुलाई के धरने के लिए महानगर काग्रेस कार्यकर्ताओं से लगातार संवाद स्थापित हो रहा है। इस बाबत हमारी तमाम कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर महानगर काग्रेस की मजबूती एवं धरना कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु चर्चा की जा चुकी है।

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