रघुबरदास बाहरियों के मसीहा तो बन गए लेकिन अर्जुन मुंडा झारखंडी न हो सके
झारखंड में प्रवासी मुख्यमंत्री रघुबरदास के पद भार संभालते ही वे अपने एजेंडे के तहत सिलसिलेवार तौर पर बाहरियों के लिए नीतियाँ बनाने में जुट गए, अबतक प्रयासरत हैं। ज्ञात हो, आते ही उन्होंने स्थानीय निति में गड़बड़ी कर लगभग 75 फीसदी बाहरियों को सरकारी नौकरी प्रसाद की भाँती बाँट दी। वे यहीं नहीं रुके … Read more