राष्ट्रीय-दल अपनी भूमिका पर पुनर्विचार करें

राष्ट्रीय-दल

  भारत एक प्रजातान्त्रिक देश है। प्रजातान्त्रिक व्यवस्था में जनता द्वारा जनता के कल्याण के लिए एवं जनता द्वारा शासन किया जाता है। प्रजातान्त्रिक शासन प्रणाली में सभी नागरिकों को यह अधिकार होता है कि उनकी आवाज को सुना जाए चाहे वे किसी भी धर्म, जाति, लिंग या क्षेत्र के हों। विभिन्न मौकों पर यहाँ … Read more

मानदेय के नाम पर आदिवासियों को आपस में लड़ाने की साजिश

मानदेय के नाम आदिवासियों को आपस में लड़ाने का प्रयास

मानदेय के नाम पर सरकार भ्रम फैलाने की स्थिति में  प्रागेतिहासिक काल में मनुष्य जब घूमते हुए थक गए होंगे तब उन्हें ख़याल आया होगा बसेरा बना कहीं एक ही जगह थम जाया जाए। उस स्थान पर घर बनाये होंगे, सुरक्षा एवं आपसी कलह के अनुभवों से नियम बनाये होंगे। बाद में खान-पान, बेटी-रोटी एवं … Read more

चुनावों में क्यों राष्ट्रीय दलों का क्षेत्रीय दलों के आगे दम फूल रहा है  

विधानसभा चुनावों के परिणाम

विधानसभा चुनावों में मिले जनादेश का अलग मिज़ाज  देश में पहली बार किसान-मजदूर-बेरोजगारी जैसे मुद्दे सतह पर आये तो विकास का रंग फिका पड़ गया। यह कहना आसान हो गया कि 2014 में उगा सितारा 2019 में डूब जायेगा। साथ में यह भी उभरा कि आकड़ो के लिहाज से विस्तार पाती बीजेपी अपने ही दायरे … Read more

अलग झारखण्ड में वन अधिकार अधिनियम की ज़मीनी हकीकत

वन अधिनियम 2006

वन अधिकार अधिनियम की ज़मीनी हकीकत किसी कवि ने अपने शब्दों में कितना सुंदर झारखण्ड का चित्र उकेरा है। सम्पूर्ण छोटा नागपुर एक लम्बा लहरदार-घुमावदार पहाड़ की तरह है…, इसके केंद्र में पठार है…, यह पूरा इलाका कमोवेश घने जंगलों से पटा है…, जब निचले और लहरदार ढलान में असंख्य पेड़ बढ़ते हैं तो इलाकों … Read more