भारतीय निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर झामुमो दल का सवाल

चुनाव आयोग पर JMM का सवाल

झारखण्ड विधानसभा कार्यकाल 05 जनवरी 2025 को पूरा होना था, लेकिन चुनाव आयोग ने चुनाव तिथि 13 और 20 नवंबर 2024 को कराने की घोषणा की है. झारखण्ड स्थापना दिवस और बिरसा जयंती की अनदेखी. रांची : भारतीय निर्वाचन आयोग, एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है. मसलन, समान प्ले फ़ील्ड मुहैया कराते हुए निष्पक्ष और स्वतंत्र … Read more

झारखण्ड : मोदी शासन में देश में बेरोगारी का भारी विकास 

बेरोगारी का भारी विकास

बेरोजगारी किसी भी देश के व्यक्तिगत जीवन, समाज और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर डालता है. ऐसे में जब एक विशेष वर्ग में अधिकतर सामाजिक-आर्थिक संसाधन केंद्रित हों, तो जाति आधारित देश में बेरोजगारी के व्यक्तिगत, समाजिक और आर्थिक स्थिति और भी भयावह हो सकता है.  रांची : मोदी सत्ता सबका साथ सबका विकास के नारे … Read more

हेमन्त सरकार : एक शांत, संतुलित, समानता और विकासशील शासन 

शांत, संतुलित शासन

झारखण्ड : शांत, संतुलित समानता और विकासशील शासन हर विकासशील समाज-देश के लिए आदर्श है. जो समाज के सभी वर्गों को शांति-स्थिरता वातावरण दे विकास के रास्ते खोलता है. हेमन्त के शासन ये सभी प्रयास हुए हैं.  रांची : भीडतंत्र, बुलडोजर तंत्र, कृषि बिल, शिक्षा निति, वन अधिनिय बदलाव, साम्प्रदायि धुर्विकरण, नोटबंदी, जीएसटी, रंग, खान-पान, … Read more

झारखण्ड : केवल कृत्रिम मुद्दों की आसरे गाल बजाता विपक्ष

गाल बजाता विपक्ष

झारखण्ड : शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, नियोजन निति, समानता, आरक्षण, बेरोजगारी, कृषि, आधी आबादी सशक्तिकरण जैसे असल मुद्दों से दूर, कृत्रिम मुद्दों के आसरे केवल गाल बजाता विपक्ष. रांची : कृत्रिम मुद्दे सामाजिक विकास में विष से कमतर नहीं. राजनितिक लाभ के मद्देनजर यह मुद्दे जानबूझकर मीडिया और संगठित सामन्ती वर्गों के स्तापित ढांचों के माध्यम … Read more

झारखण्ड : हक-इन्फ्रास्ट्रक्चर के बचाव में चंडी बनती महिलाएं

चंडी बनती महिलाएं

झारखण्ड : विपक्षी साजिश से अपने हक-अधिकार और अथक प्रयास से खड़े हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर के बचाव में आधी आबादी ने ले ली चंडी रूप अब जुझारू झारखंडी पुरुषों की बारी… रांची : झारखण्ड के विकास का अर्थ महिला समेत समाज के सभी वर्गों के आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक रुढ़िवादी ढाँचे में संतुलित लोकतांत्रिक … Read more

झारखण्ड आगामी चुनाव अमीर-गरीब मानसिकता के बीच -सीएम हेमन्त 

चुनाव अमीर-गरीब के बीच

अमीर झारखण्ड में गरीबी ही है मुख्य मुद्दा, इसलिए यहाँ की राजनीति भी अमीर-गरीब, दो धडों में विभक्त. ऐतिहासिक, आर्थिक, सामाजिक और राजनितिक विश्लेषण करती है स्पष्ट पुष्टि. सीएम हेमन्त ने नब्ज को पकड़ा.  रांची : प्राकृत संसाधन से अमीर झारखण्ड प्रदेश देश का एक आदिवासी, दलित, पिछड़ों और गरीबों का प्रदेश है. और इस … Read more