आँगनवाड़ी और आशाकर्मी बहनों को इस बजट में भी मिले केवल झूठे वादे

आँगनवाड़ी

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने जो यूनियन बजट पेश किया वह बजट कम और चुनावी घोषणा-पत्र अधिक है। अंतिम बार भी केवल जुमलों की ही बौछार हुई। और इनके झूठ के इन गोलों को फ़रेब की चाशनी में डुबो कर और धोखे के थाल में सजाकर सच की तरह पेश करने के लिए आईटी सेल … Read more

प्रदूषण को लेकर गिरिडीह सांसद-विधायक कुम्भकर्णी नींद में क्यों सोये रहे

गिरिडीह में प्रदूषण की स्थिति

प्रदूषण देश की भीषण समस्या  विज्ञान को मानवता का सेवक माना जाता है परन्तु मौजूदा सरकार और उनके चहेते पूंजीपति दोस्तों ने मुनाफ़ा तले इसे खुद का  बंधक बना रख दिया है। पूंजीवाद के नुमाइन्दगी करने वाली इस मानवद्रोही व्यवस्था ने न केवल मानवीय मूल्यों को, अपितु मानवीय संवेदनाओं को भी निगल लिया है। दुनियाभर … Read more

सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी

सरकारी स्कूलों की स्थिति

सरकारी स्कूलों को मर्जर के नाम पर आखिर बंद करने की जरूरत क्यों पड़ी भाजपा के रघुबर सरकार को  वैसे तो बच्चों की पहली पाठशाला उसका परिवार और समाज होता है। लेकिन स्कूल की अपनी ही एक महत्ता है। यह ऐसा स्थान होता है, जहाँ बच्चों में सामूहिकता की भावना के साथ कला और श्रम … Read more

CCL : गिरीडीह में कोयले का काला खेल बदस्तूर जारी

मोदी, गिरीडीह ccl में कोयले का काला खेल

देश की पाँच केन्द्रीय ट्रेड यूनियन – एचएमएस, बीएमएस, इंटक, एटक, सीटू ने 6 जनवरी से कोयला ख़ान मज़दूरों की पाँच दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। हड़ताल का प्रमुख कारण मोदी सरकार द्वारा कोल इण्डिया लिमिटेड के निजीकरण और विराष्ट्रीकरण किये जाने का विरोध करना था। साथ ही कोल इण्डिया लिमिटेड में श्रम के … Read more

सुदीव्य कुमार सोनू : गिरिडीह झामुमो 46वां स्थापना दिवस होगा ऐतिहासिक

सुदीव्य कुमार सोनू

झारखंड संघर्ष यात्रा कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाने वाले झामुमो के केन्द्रीय महा सचिव, गिरिडीह निवासी, सुदीव्य कुमार सोनू अब 4 मार्च को होने वाले 46वें स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने की तैयारी में जुट गए है। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए गिरिडीह कार्यालय के जिलाध्यक्ष संजय सिंह स्वयं मोर्चा … Read more

न्याय व्यवस्था शंकर के त्रिशूल पर बसी कांशी सरीखे नहीं

न्याय व्यवस्था

हमारी न्याय व्यवस्था पर भी मौजूदा सरकार में प्रश्न उठे! लोगों में आज भी यह भ्रम हैं कि हमारी न्याय व्यवस्था भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी काशी के समान है। जबकि इस मौजूदा सरकार में यह बार-बार सिद्ध हुआ है कि हमारी न्याय प्रणाली भी लोकतंत्र में व्याप्त शोषण और विषमता के अंग है। … Read more